गढ़वाल। अशासकीय कॉलेजों के शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी बीते तीन माह से वेतन न मिलने के कारण गहरी परेशानी में हैं। लगातार आश्वासन मिलने के बावजूद जब उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो अब वे आंदोलन की राह पर चलने को मजबूर हो गए हैं।
ग्रुटा (गढ़वाल विश्वविद्यालय शिक्षक संघ) के पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक हाल ही में महासचिव की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया कि गढ़वाल यूनिवर्सिटी से संबद्ध सभी अशासकीय महाविद्यालयों में पिछले तीन महीनों से शिक्षकों और कर्मचारियों का वेतन भुगतान लंबित है। इस स्थिति को लेकर संगठन ने गहरा रोष व्यक्त किया।
बैठक में बताया गया कि सरकार द्वारा वेतन की ग्रांट पहले ही जारी कर दी गई है, लेकिन उच्च शिक्षा सचिव द्वारा 14 अगस्त के बाद भी भुगतान प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई गई। शिक्षा सचिव ने पहले वेतन भुगतान का आश्वासन दिया था और निदेशक उच्च शिक्षा ने भी 27 तारीख तक राशि जारी करने की बात कही थी। इस भरोसे के चलते शिक्षक संघ ने अपना आंदोलन फिलहाल टाल दिया था।
लेकिन तय समयसीमा बीत जाने के बाद भी वेतन नहीं मिलने पर अब शिक्षकों और कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। ग्रुटा सचिव ने कहा कि यदि शनिवार तक वेतन जारी नहीं किया जाता है, तो सोमवार, 1 सितंबर से शिक्षक संघ आंदोलन शुरू करेगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
उन्होंने साफ किया कि बार-बार आश्वासन देकर शिक्षकों को गुमराह करना अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वेतन न मिलने से न केवल शिक्षकों का आर्थिक संकट गहरा रहा है बल्कि शैक्षिक व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।
ग्रुटा ने सरकार और प्रशासन से तत्काल वेतन जारी करने की मांग की है और कहा है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को बड़ा रूप दिया जाएगा।