नगर निगम के बड़े फैसले: पालतू कुत्तों पर भारी जुर्माना, 23 नस्लें बैन

देहरादून। नगर निगम देहरादून की तीसरी बोर्ड बैठक सोमवार को निगम मुख्यालय में हुई, जिसमें शहर की सबसे बड़ी समस्याओं – स्ट्रीट डॉग्स के आतंक और सफाई व्यवस्था – पर अहम और सख्त फैसले लिए गए। बैठक की शुरुआत उत्तरकाशी और चमोली आपदा के मृतकों को श्रद्धांजलि देकर हुई। इसके बाद बीजेपी और कांग्रेस पार्षदों के बीच तीखी बहस भी हुई, लेकिन मेयर सौरभ थपलियाल की मध्यस्थता से माहौल शांत हो गया और 26 प्रस्तावों पर चर्चा की गई।

स्ट्रीट डॉग्स पर सख्त फैसले

बैठक में तय किया गया कि खतरनाक और आक्रामक स्ट्रीट डॉग्स की पहचान पार्षद करेंगे, जिसके बाद नगर निगम की टीम उनका इलाज और वैक्सीनेशन कराएगी। अब इन कुत्तों को वैक्सीनेशन के लिए 5 की जगह 15 दिन तक रखा जाएगा और एनजीओ की मदद से उन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा ताकि वे आक्रामक न रहें।

साल में तीन बार टीकाकरण अनिवार्य किया गया है। साथ ही, यदि कोई व्यक्ति स्ट्रीट डॉग को गोद लेना चाहता है तो उसे नगर निगम में आवेदन करना होगा। कुत्तों के लिए शेल्टर हाउस बढ़ाने की योजना भी बनाई गई है। वर्तमान में उपलब्ध 72 कनाल भूमि की जगह 200 कनाल भूमि की मांग की जाएगी और 20–25 नए शेल्टर हाउस बनाए जाएंगे।

 पालतू कुत्तों पर भारी जुर्माना

नगर निगम ने पालतू कुत्तों को लेकर नियमों का उल्लंघन करने पर भारी जुर्माना लगाने का निर्णय लिया है।

* रजिस्ट्रेशन और टीकाकरण न कराने पर अब 5000 रुपये जुर्माना लगेगा।
* पालतू कुत्ते को खुले में घुमाने पर 3000 रुपये और सड़क पर शौच करवाने पर 5000 रुपये जुर्माना लगाया जाएगा।
* सार्वजनिक स्थानों पर कुत्तों को खाना खिलाने या फीडिंग करने पर भी 5000 रुपये का जुर्माना तय किया गया है।

इसके अलावा 23 खतरनाक नस्लों के पालतू कुत्तों पर प्रतिबंध लगाया गया है। पिटबुल टेरियर, डोगो अर्जेंटीनो, अमेरिकन बुलडॉग, केन कोर्सो, टोसा इनु, वुल्फ डॉग और जापानी टोसा जैसी नस्लें इस सूची में शामिल हैं। इन नस्लों का रजिस्ट्रेशन केवल तभी होगा जब उनके मालिक ट्रेनिंग सर्टिफिकेट पेश करेंगे।

सफाई और कूड़ा प्रबंधन पर भी चर्चा

बैठक में कई पार्षदों ने कूड़ा उठान और सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। निगम ने आश्वासन दिया कि वाहनों और सफाई कर्मियों की कमी जल्द दूर की जाएगी। इसके साथ ही डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन में गीला और सूखा कचरा अलग देने वालों को 50% शुल्क में छूट मिलेगी, जबकि दोनों मिलाकर देने पर जुर्माना लगाया जाएगा।

मेयर का बयान

मेयर सौरभ थपलियाल ने कहा कि नगर निगम पार्षदों के सुझावों को गंभीरता से ले रहा है और लिए गए फैसले शहर की स्वच्छता और जन सुरक्षा दोनों के लिए मील का पत्थर साबित होंगे।

अब देहरादून में स्ट्रीट डॉग्स और पालतू जानवरों को लेकर नियमों की अनदेखी करना महंगा पड़ सकता है।

 

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