27 करोड़ चंदे का पूरा रिकॉर्ड बैंक में मौजूद: त्रिवेंद्र सिंह रावत
देहरादून। हरिद्वार से सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत के आरोपों को पूरी तरह निराधार करार दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा की छवि को किसी भी हालत में खराब नहीं होने दिया जाएगा और पार्टी पर बेबुनियाद आरोप लगाने वालों को समय-समय पर चेताया जाएगा।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान त्रिवेंद्र ने कहा कि राज्य के हालात गंभीर चिंता का विषय हैं। पुलिस कई मामलों में महीनों से प्राथमिक रिपोर्ट दर्ज नहीं कर रही, जो बेहद अफसोसजनक है। उन्होंने कहा कि जनता ने भाजपा पर भरोसा जताते हुए 47 विधायक और पांच सांसद जिताए हैं, इसलिए पार्टी को हर हाल में जनता का विश्वास बनाए रखना होगा।
हरक सिंह रावत के उस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए, जिसमें उन्होंने भाजपा को 30 करोड़ का चंदा मिलने की बात कही थी, त्रिवेंद्र सिंह रावत ने साफ किया कि पार्टी को 27 करोड़ का चंदा मिला है, जो पूरी तरह पारदर्शी तरीके से बैंक के माध्यम से प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा, “इस राशि का एक-एक पैसा दर्ज है। देश की सभी राजनीतिक पार्टियों को चंदा मिलता है, लेकिन भाजपा में यह पूरी पारदर्शिता के साथ लिया गया है।”
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि हरक सिंह रावत अक्सर अपनी बातों से पलट जाते हैं। “कभी-कभी सच बोलते हैं, लेकिन ज्यादातर समय अनर्गल प्रलाप करना उनकी फितरत है।”
खनन के मुद्दे पर त्रिवेंद्र ने कहा कि खनन जरूरी है, लेकिन यह केवल कानून की मर्यादा में होना चाहिए। अगर खनन नहीं होगा तो नदियों के कटाव से खेत-खलिहान नष्ट होंगे और राजस्व की हानि होगी। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, “तालाब से जरूरत का पानी लेना सही है, लेकिन मशीन लगाकर तालाब खाली करना गलत है। खनन भी इसी सिद्धांत पर होना चाहिए।”
वहीं, गैरसैंण में संपन्न मानसून सत्र में विपक्ष के रवैये पर त्रिवेंद्र ने कहा कि विरोध करना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन यह मर्यादित और नियमों के दायरे में होना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि सदन में अमर्यादित आचरण लोकतंत्र की गरिमा को ठेस पहुंचाता है।