पुतिन-ट्रंप के बीच होने वाली इस बैठक से बदल सकता है यूक्रेन युद्ध का भविष्य!

moscow रूस और अमेरिका के बीच तनावपूर्ण संबंधों के बीच एक अहम कूटनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच एक आमने-सामने की बैठक की तैयारी हो रही है। दोनों देशों ने इस द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन पर सिद्धांततः सहमति जता दी है, जिससे यूक्रेन युद्ध के समाधान की उम्मीदें जगी हैं।

क्रेमलिन के विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव ने गुरुवार को पुष्टि की कि अमेरिका की ओर से पहल करते हुए इस उच्च-स्तरीय वार्ता के लिए शुरुआती सहमति बनी है। यह बैठक आने वाले दिनों में आयोजित की जाएगी। हालांकि तारीख और स्थान को लेकर आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है, लेकिन पुतिन ने संकेत दिया है कि यह बैठक संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में हो सकती है।

2021 के बाद पहली आमने-सामने वार्ता
गौरतलब है कि 2021 में पुतिन और तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के बीच जिनेवा में बैठक हुई थी। उस समय यूक्रेन सीमा पर रूस की सैन्य गतिविधियों को लेकर वैश्विक चिंता बनी हुई थी। अब जब यूक्रेन युद्ध दो साल से ज्यादा समय से चल रहा है, तो यह आगामी पुतिन-ट्रंप बैठक एक बड़ा कूटनीतिक मोड़ ला सकती है।

बाइडेन की जगह ट्रंप क्यों?
हालांकि ट्रंप फिलहाल अमेरिका के राष्ट्रपति नहीं हैं, लेकिन वे रिपब्लिकन पार्टी की ओर से 2024 के चुनावों के प्रबल उम्मीदवार माने जा रहे हैं। हाल ही में रूस के साथ बातचीत को लेकर उनकी सक्रियता बढ़ी है। अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने हाल ही में मॉस्को में पुतिन से मुलाकात की थी, जिसके बाद इस बैठक की चर्चा तेज हो गई।

शांति वार्ता या दबाव की राजनीति?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप ने रूस को 8 अगस्त तक शांति वार्ता के लिए तैयार होने की डेडलाइन दी है। ट्रंप का कहना है कि अगर रूस इस बातचीत को गंभीरता से नहीं लेता, तो अमेरिका उसकी अर्थव्यवस्था पर भारी टैरिफ (शुल्क) लगा सकता है।

यह बात इस ओर इशारा करती है कि यह प्रस्तावित बैठक न केवल शांति की पहल हो सकती है, बल्कि अमेरिका की ओर से रणनीतिक दबाव भी हो सकता है।

क्या ज़ेलेंस्की से भी मिलेंगे पुतिन?
पत्रकारों ने जब पुतिन से पूछा कि क्या वे यूक्रेनी राष्ट्रपति **वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की** से भी मुलाकात करेंगे, तो उन्होंने इस संभावना को सिरे से खारिज कर दिया। पुतिन ने इसे “बहुत दूर की बात” बताया।

नज़रें इस बैठक पर टिकीं
दुनिया की निगाहें इस बहुप्रतीक्षित पुतिन-ट्रंप बैठक पर टिकी हुई हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या दोनों नेता यूक्रेन में चल रहे विनाशकारी युद्ध के समाधान की ओर कोई ठोस कदम उठा पाएंगे या यह भी सिर्फ एक और राजनैतिक स्टंट बनकर रह जाएगा।

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