यूपी में मूसलधार बारिश का कहर: स्कूल बंद, बाढ़ जैसे हालात – सीएम योगी करेंगे दौरा

उत्तर प्रदेश में पिछले तीन दिनों से हो रही मूसलधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। लगातार हो रही बारिश के चलते प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। राजधानी लखनऊ समेत कई जिलों में पानी भरने से स्कूलों को बंद करने का आदेश दिया गया है। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हालात का जायजा लेने के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों का दौरा तय किया है।

बारिश का सिलसिला शुक्रवार से ही शुरू हो गया था, लेकिन रविवार को वर्षा ने रौद्र रूप ले लिया। दिनभर तेज बारिश होती रही जिससे सड़कों पर जलभराव हो गया, कई जगहों पर पेड़ गिरने, बिजली गुल होने और यातायात बाधित होने की खबरें भी सामने आईं। भारी बारिश के कारण खासकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश, बुंदेलखंड और तराई क्षेत्रों में जलस्तर तेजी से बढ़ा है, जिससे 12 से अधिक जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है।

राज्य सरकार ने हालात को गंभीरता से लेते हुए राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। बाढ़ प्रभावित जिलों में मंत्रियों को तत्काल भेजा गया है। रविवार को सभी मंत्री अपने-अपने प्रभार वाले जिलों में पहुंचे और स्थानीय प्रशासन के साथ स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने राहत शिविर, खाने-पीने की व्यवस्था और चिकित्सा सुविधाओं का जायजा लिया।

लखनऊ में स्कूल बंद, छात्रों को घर भेजा गया
लखनऊ में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए जिलाधिकारी ने सोमवार (आज) के लिए कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को बंद करने का आदेश जारी किया। आदेश के बाद जिन स्कूलों में बच्चे पहुंच चुके थे, उन्हें तुरंत घर भेजा गया। कई क्षेत्रों में स्कूल तक पहुंचने वाले रास्तों पर जलभराव हो गया था, जिससे अभिभावकों और छात्रों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

जिलाधिकारी के आदेश में कहा गया है कि बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए यह फैसला एहतियातन लिया गया है। यदि बारिश की स्थिति बनी रहती है तो स्कूलों की छुट्टी आगे भी बढ़ाई जा सकती है।

सीएम योगी करेंगे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को सहारनपुर और मेरठ मंडलों का दौरा करेंगे। इस दौरान वह संबंधित जिलों के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे, राहत कार्यों की समीक्षा करेंगे और लोगों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनेंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए हैं कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को समय पर राहत सामग्री, मेडिकल सहायता और सुरक्षित स्थानों पर शरण दी जाए।

राज्य सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट पर रखा है। जलभराव और गंदगी के चलते संक्रमण और जलजनित बीमारियों के फैलने की आशंका है। इसके चलते चिकित्सा टीमें गांव-गांव जाकर जरूरी दवाएं और प्राथमिक इलाज उपलब्ध करा रही हैं।

जनता की मांग: राहत कार्यों में और तेजी लाएं
बारिश और जलभराव से जूझ रहे नागरिकों का कहना है कि प्रशासन को राहत और पुनर्वास कार्यों में और तेजी लानी चाहिए। कई मोहल्लों और गांवों में अभी भी पानी भरा हुआ है और नालियों का पानी घरों में घुस चुका है। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को भारी परेशानी हो रही है।

प्रदेश के हालात को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि फिलहाल बारिश का असर थमने के आसार नहीं हैं। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में और भी बारिश होने की चेतावनी दी है, ऐसे में प्रशासन की सतर्कता और जनसहयोग की आवश्यकता और भी बढ़ गई है।

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