विश्व हिंदू परिषद की तीन दिवसीय प्रांत कार्यसमिति बैठक का समापन
अम्बरीष सिंह ने कहा – “हिंदू संस्कृति आज भी जीवित है मठ-मंदिर, अर्चक, गौ, गंगा और पारिवारिक मूल्यों के कारण”
मनोज झा
रामगढ़ । रामगढ़ स्थित सिद्धि विनायक वेंकट हॉल, रांची रोड में रविवार को विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की तीन दिवसीय प्रांत कार्यसमिति बैठक का समापन हुआ। इस बैठक में झारखंड प्रांत के सभी जिलों से विहिप, बजरंग दल, मातृशक्ति, दुर्गा वाहिनी सहित संगठन के विभिन्न आयामों से कुल 315 कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की।
बैठक के मुख्य वक्ता विहिप के केंद्रीय मंत्री एवं विशेष संपर्क प्रमुख अम्बरीष सिंह ने कहा कि “भारत पर अनेक आक्रमण हुए, परंतु आज भी इसकी संस्कृति जीवित है। मठ, मंदिर, अर्चक, गौ, गंगा और पारिवारिक मूल्य ही हमारी जीवंत परंपरा के आधार हैं।”
उन्होंने कहा कि “हिंदू समाज जब संगठित और सशक्त होगा, तभी पूरे देश और विश्व का कल्याण संभव है। यह समय आत्ममंथन का है कि विहिप की स्थापना के मूल उद्देश्य के प्रति हम कहां खड़े हैं।”
अम्बरीष सिंह ने विहिप के इतिहास का उल्लेख करते हुए बताया कि 1966 में महाकुंभ में हुए विराट हिंदू सम्मेलन में सभी संप्रदायों के संत एक मंच पर आए थे, जो हिंदू एकता का उदाहरण था। उन्होंने कहा, “आज आवश्यकता है उस भाव को फिर से जीवित करने की। जो लोग किसी कारणवश अपने मूल धर्म से दूर हुए हैं, उन्हें पुनः अपने घर लौटाना हमारा दायित्व है।”
बैठक में प्रांत अध्यक्ष चंद्रकांत रायपत ने अध्यक्षीय संबोधन दिया जबकि मंच संचालन प्रांत मंत्री मिथिलेश्वर मिश्र ने किया। साथ ही नवीन दायित्वों की घोषणा भी की गई। कार्यक्रम का समापन जयघोष के साथ हुआ।
बैठक की व्यवस्थाओं में इन कार्यकर्ताओं का योगदान रहा:
क्षेत्रीय गौरक्षा प्रमुख त्रिलोकी नाथ बागी, प्रांत सहमंत्री मनोज पोद्दार, प्रांत संयोजक बजरंग दल रंगनाथ महतो, प्रांत संगठन मंत्री देवी सिंह, प्रांत मातृशक्ति प्रमुख दीपा रानी, विशेष संपर्क प्रमुख अरविंद सिंह, सामाजिक समरसता प्रमुख कृष्ण कुमार झा, सेवा प्रमुख अजय अग्रवाल, प्रचार प्रसार प्रमुख प्रकाश रंजन, धर्माचार्य प्रमुख जुगल किशोर, धर्म प्रचारक संजय चौरसिया, बाल संस्कार प्रमुख सीमा शर्मा, सह संयोजक जनार्दन पांडेय सहित अन्य प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे।
रामगढ़ नगर के व्यवसायी सुनील कुमार साह के सहयोग से बैठक की समस्त व्यवस्थाएं सिद्धि विनायक वेंकट हॉल में की गईं।