हरिद्वार, उत्तराखंड के हरिद्वार ज़िले में कांवड़ यात्रा के दौरान एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। थाना पथरी अंतर्गत चौकी फेरूपुर क्षेत्र में सोमवार तड़के सुबह लगभग तीन बजे दो बाइकों की आमने-सामने की भिड़ंत में एक ही परिवार के चार लोग घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने न सिर्फ घायलों को त्वरित सहायता पहुंचाई, बल्कि उनकी आस्था का भी सम्मान किया, जिससे उत्तराखंड पुलिस की सराहना हो रही है।
हस्तिनापुर से हरिद्वार कांवड़ लेने जा रहा था परिवार
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, घायल हुए चारों लोग मेरठ जनपद के हस्तिनापुर से हरिद्वार गंगाजल लेने के लिए कांवड़ यात्रा पर निकले थे। यात्रा के दौरान चौकी फेरूपुर क्षेत्र के पास स्थित पेट्रोल पंप के निकट अचानक दो बाइकों की आमने-सामने की टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि एक ही बाइक पर सवार ज्योति, उनके पति कुलदीप और उनके दो छोटे बच्चे घायल हो गए।
पुलिस की तत्परता और मानवीय संवेदना
हादसे की सूचना मिलते ही चौकी फेरूपुर से पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। टीम ने घायल परिवार को प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया और चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित की। चौकी प्रभारी अशोक शिरस्वाल के नेतृत्व में कार्यरत पुलिसकर्मियों ने न सिर्फ कानून व्यवस्था संभाली, बल्कि मानवीयता की मिसाल भी पेश की।
पुलिस टीम में शामिल कांस्टेबल अनिल पंवार, सुबोध शर्मा और होम गार्ड संजय यादव ने न केवल घायलों को फल और पेयजल उपलब्ध कराया, बल्कि उनकी धार्मिक भावना को अधूरा न रहने देने के उद्देश्य से गंगाजल मंगवाकर उन्हें सौंपा, जिससे वे मानसिक रूप से संतुलित रह सकें।
प्राइवेट वाहन से गंतव्य तक भेजा गया परिवार
उत्तराखंड पुलिस ने घायल परिवार को यह सुनिश्चित कराते हुए कि उनकी कांवड़ यात्रा की भावना को ठेस न पहुंचे, गंगाजल सौंपने के बाद उन्हें प्राइवेट वाहन से उनके गंतव्य स्थल की ओर रवाना किया। इस मानवीय पहल की प्रशंसा मौके पर मौजूद अन्य लोगों और स्वयं पीड़ितों ने की।
घायलों ने पुलिस का जताया आभार
अस्पताल में प्राथमिक इलाज प्राप्त करने के बाद, घायल कांवड़ियों ने उत्तराखंड पुलिस की कार्यप्रणाली और तत्परता की सराहना की। पीड़ितों ने कहा कि जिस प्रकार से पुलिस ने न केवल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई, बल्कि भावनात्मक रूप से भी उनके साथ खड़ी रही, वह अपने आप में अनुकरणीय है।
चौकी प्रभारी अशोक शिरस्वाल का बयान
चौकी प्रभारी अशोक शिरस्वाल ने मीडिया से बात करते हुए कहा,
“पुलिस की जिम्मेदारी सिर्फ कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं है। हर संकट की घड़ी में जनता के साथ खड़ा रहना और उनकी सहायता करना हमारी नैतिक और सामाजिक जिम्मेदारी है। घायलों को त्वरित उपचार दिलाना और उनकी धार्मिक भावनाओं का सम्मान करना हमारी ड्यूटी का हिस्सा है।”
कांवड़ यात्रा में लगातार जुटी पुलिस
गौरतलब है कि सावन के पावन महीने में देशभर से लाखों श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचते हैं, और ऐसे में पुलिस की जिम्मेदारी कई गुना बढ़ जाती है। यातायात नियंत्रण, सुरक्षा व्यवस्था और आपात स्थितियों में त्वरित कार्रवाई के लिए पुलिस बल हर स्तर पर तैनात है।
हरिद्वार में इस प्रकार की घटनाओं में पुलिस की तत्परता से एक सकारात्मक संदेश गया है कि उत्तराखंड न केवल देवभूमि है, बल्कि संवेदनशील प्रशासन और जनता के साथ खड़े रहने वाली पुलिस व्यवस्था का भी उदाहरण है।
निष्कर्ष
हरिद्वार की यह घटना न केवल पुलिस की तत्परता का प्रमाण है, बल्कि यह दर्शाती है कि कानून के साथ मानवीयता भी उत्तराखंड पुलिस की कार्यशैली का अभिन्न हिस्सा है। ऐसे कार्य न केवल लोगों के विश्वास को मजबूत करते हैं, बल्कि सामाजिक और धार्मिक सद्भाव को भी बढ़ावा देते हैं।
