हल्द्वानी।तराई पश्चिमी वन प्रभाग द्वारा क्षेत्रीय पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय नागरिकों को हरियाली से युक्त आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से दो नए सिटी पार्क बनाए जाने की योजना बनाई गई है। इन पार्कों का निर्माण काशीपुर और जसपुर में किया जाएगा। योजना के अनुसार, प्रत्येक पार्क पर एक करोड़ रुपये की लागत आएगी और दोनों परियोजनाओं के लिए दो करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेज दिया गया है।
तराई पश्चिमी वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) प्रकाश चंद्र आर्या ने बताया कि यह पहल वन पर्यटन को नए आयाम देने के साथ ही स्थानीय लोगों के लिए भी सुकून भरे समय बिताने का एक बेहतरीन विकल्प बनेगी। उन्होंने बताया कि जसपुर टोल प्लाजा के पास वन विभाग के पास 17 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध है, जबकि काशीपुर के भवानीपुर क्षेत्र में 12.5 हेक्टेयर भूमि चिन्हित की गई है।
प्रस्ताव के अनुसार, इन सिटी पार्कों में बच्चों के लिए झूले, विश्राम के लिए बेंच, सुंदर तालाब, ओपन जिम और विशेष रूप से साइक्लिंग ट्रैक की सुविधा विकसित की जाएगी। यह तराई का पहला ऐसा प्रयास होगा, जिसमें सिटी पार्क को साइक्लिंग ट्रैक से लैस किया जाएगा, जिससे स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों को बढ़ावा मिलेगा।
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
डीएफओ आर्या ने बताया कि तराई क्षेत्र विशेष रूप से फाटो जोन पर्यटकों के बीच लगातार लोकप्रिय हो रहा है, जहां बाघों सहित अन्य वन्य जीवों को देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। इस बढ़ते पर्यटन को देखते हुए विभाग अब पर्यटकों को एक नया अनुभव देने की तैयारी में है। काशीपुर और जसपुर जैसे कस्बाई क्षेत्रों में विकसित होने वाले ये सिटी पार्क पर्यटन के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए भी रचनात्मक अवकाश बिताने की उत्तम जगह बनेंगे।
स्थानीय लोगों को भी मिलेगा लाभ
वन विभाग की योजना केवल पर्यटन को ही नहीं बल्कि स्थानीय लोगों के जीवन स्तर को भी सुधारने की दिशा में काम कर रही है। सिटी पार्कों में बनाई जाने वाली सुविधाएं न केवल युवाओं बल्कि बुजुर्गों और बच्चों के लिए भी उपयुक्त होंगी। ओपन जिम से जहां स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ेगी, वहीं पैदल पथ और साइक्लिंग ट्रैक से फिटनेस को बढ़ावा मिलेगा।
जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य
प्रस्ताव पास होने के बाद इन दोनों पार्कों का निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कर दिया जाएगा। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि प्रयास रहेगा कि कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ समयबद्ध तरीके से पूरा हो ताकि नागरिक जल्द से जल्द इन पार्कों का लाभ उठा सकें।
हरियाली और पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा बल
वन विभाग का यह कदम न केवल एक आधुनिक पार्क के निर्माण तक सीमित है, बल्कि इसके जरिए हरियाली को बढ़ावा देना और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना भी उद्देश्य है। विभाग का मानना है कि शहरीकरण के इस दौर में लोगों को प्रकृति से जोड़ने और उन्हें प्राकृतिक वातावरण में समय बिताने के अवसर देना जरूरी है।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, काशीपुर और जसपुर में बनने वाले ये सिटी पार्क तराई क्षेत्र के विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकते हैं। जहां एक ओर यह पहल पर्यटन को बढ़ावा देगी, वहीं दूसरी ओर आमजन को स्वास्थ्य और मनोरंजन के लिए एक सुंदर वातावरण प्रदान करेगी। अब सभी की निगाहें इस पर टिकी हैं कि यह प्रस्ताव कब मंजूरी पाता है और इसका निर्माण कार्य कब शुरू होता है।