भगवा चोले की आड़ में धोखा: ऋशेश्वर महादेव मंदिर के बाबा की असलियत आई सामने

चंपावत, वर्षों से लोहाघाट स्थित ऋशेश्वर महादेव मंदिर में बाबा के भेष में जनता की आस्था से खेल रहा मोहनानंद उर्फ एमके तिवारी की असलियत सामने आते ही पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। सोशल मीडिया पर टी-शर्ट और जींस में वायरल हो रही तस्वीरों ने बाबा की दोहरी ज़िंदगी का पर्दाफाश कर दिया है।

जांच में सामने आया है कि यह बाबा दरअसल शादीशुदा है और दो बेटियों का पिता है। उसकी पत्नी सुनीता तिवारी, जो मूलतः लोहाघाट निवासी हैं और वर्तमान में वृंदावन, मथुरा में रहती हैं, ने जिलाधिकारी चंपावत व पुलिस अधीक्षक को शिकायत पत्र सौंपते हुए अपने पति से जान का खतरा बताया है।

सुनीता तिवारी के अनुसार, वर्ष 2016 में उनका विवाह शिवालय मंदिर, लोहाघाट में हिन्दू रीति-रिवाज से एमके तिवारी से हुआ था। उनकी दो बेटियाँ हैं – श्रीयांसा (9 वर्ष) और ख्याति (6 वर्ष)। शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया कि मोहनानंद न केवल उन्हें और बच्चों को जान से मारने की धमकी देता है, बल्कि व्हाट्सएप पर आत्महत्या की धमकी देकर मानसिक उत्पीड़न भी कर रहा है।

वृंदावन में पहले भी एमके तिवारी के खिलाफ 112 पर शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लिया था। बताया जा रहा है कि माफीनामा देने के बाद ही उसे छोड़ा गया। लोहाघाट की जनता इस खुलासे के बाद बेहद आक्रोशित है। वर्षों से भागवत कथा आयोजनों और मंदिर की गतिविधियों में मोहनानंद की भूमिका विवादित रही है। रिकेश्वर प्रबंधन कमेटी के साथ उसके लंबे समय से टकराव की स्थिति बनी रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बाबा के कई प्रभावशाली चेले भी हैं जो अब इस खुलासे के बाद चुप्पी साधे हुए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरें और वीडियो आमजन की धार्मिक भावनाओं को गहरा झटका दे रही हैं।

स्थानीय नागरिकों ने इस पूरे मामले की गहन जांच की मांग करते हुए ‘ऑपरेशन कालनेमी’ के अंतर्गत सख्त कार्रवाई की अपील की है।

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