देहरादून: यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर ओजरी के पास पिछले 12 दिनों से भूस्खलन के कारण अवरुद्ध मार्ग अब पुनः खुल गया है। लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) की 12 दिन-रात की कड़ी मेहनत के बाद इस अवरुद्ध मार्ग पर बेली ब्रिज का निर्माण पूरा हो गया है। इससे यातायात गुरुवार दोपहर से पुनः सुचारू हो गया है।
उपजिलाधिकारी बड़कोट, बृजेश तिवारी ने बताया कि भूस्खलन से अवरुद्ध मार्ग पर बेली ब्रिज के निर्माण के कारण अब वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से बहाल हो चुकी है। उन्होंने बताया कि राजमार्ग खुलने के बाद पहले फंसे हुए वाहनों को सुरक्षित स्थानों तक निकाला जा रहा है। इसके बाद धाम की ओर जाने वाले वाहनों के लिए आवाजाही भी धीरे-धीरे शुरू कर दी गई है।
यह भूस्खलन 28 जून की रात हुआ था, जिसमें भारी मलबा सड़क मार्ग पर आ गया था और इस कारण राजमार्ग पूरी तरह से बंद हो गया था। इस हादसे में कई लोगों की जानें चली गई थीं। तत्कालीन स्थिति ने यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए भारी कठिनाई उत्पन्न कर दी थी क्योंकि यह मार्ग धार्मिक और पर्यटन दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है।
लोनिवि की त्वरित कार्रवाई और बेली ब्रिज निर्माण
लोनिवि के अधिकारियों ने घटना के तुरंत बाद स्थिति का जायजा लिया और पुनः मार्ग खोलने के लिए काम शुरू किया। भूस्खलन स्थल पर मलबे को हटाना और वाहन चालकों के लिए एक अस्थायी पुल (बेली ब्रिज) बनाना प्राथमिकता थी।
12 दिन-रात मेहनत के बाद बेली ब्रिज का निर्माण पूरा हो गया, जिससे अब वाहन निर्बाध रूप से इस मार्ग पर चल सकेंगे। बेली ब्रिज से भारी वाहनों सहित सभी प्रकार के वाहनों को आवाजाही की अनुमति दी गई है। यह पुल भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र के ऊपर से बना है और अस्थायी रूप से मार्ग को जोड़ता है जब तक कि मूल मार्ग की मरम्मत पूरी नहीं हो जाती।
यमुनोत्री मार्ग की महत्ता
यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग उत्तराखंड का एक प्रमुख धार्मिक और पर्यटन मार्ग है, जो हजारों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को प्रतिदिन यमुनोत्री धाम तक पहुंचाता है। यह मार्ग भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों से होकर गुजरता है और यहाँ भूस्खलन और प्राकृतिक आपदाओं का खतरा हमेशा बना रहता है।
इस मार्ग का बंद होना न केवल श्रद्धालुओं के लिए असुविधा का कारण बनता है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन उद्योग पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है। ऐसे में इस मार्ग की त्वरित बहाली से न केवल यात्रियों को राहत मिली है, बल्कि स्थानीय लोगों का जीवन भी सामान्य हुआ है।
यातायात की स्थिति और आगे की योजनाएं
अब जब बेली ब्रिज बनकर वाहनों की आवाजाही पुनः शुरू हो गई है, तो लोनिवि के अधिकारी मार्ग की पूरी मरम्मत और सुधार के लिए काम कर रहे हैं। मूल मार्ग की पुनर्निर्माण योजना जल्द ही शुरू की जाएगी ताकि स्थायी समाधान निकाला जा सके।
उपजिलाधिकारी बड़कोट बृजेश तिवारी ने कहा कि आने वाले कुछ दिनों में मलबा हटाने और मार्ग की मरम्मत के लिए अतिरिक्त संसाधन लगाए जाएंगे ताकि स्थायी रूप से इस मार्ग को सुरक्षित बनाया जा सके।
यात्रियों से भी अनुरोध किया गया है कि वे मार्ग की स्थिति पर नजर रखें और आवश्यकतानुसार सावधानी से यात्रा करें। सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए ही मार्ग का उपयोग करें।
स्थानीय प्रतिक्रिया और राहत कार्य
स्थानीय लोगों और यात्रियों ने मार्ग खुलने पर खुशी जताई है। वेब साइट्स और सोशल मीडिया पर भी इस समाचार को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। कई श्रद्धालु जिन्होंने मार्ग बंद होने के कारण अपनी यात्रा स्थगित करनी पड़ी थी, अब वे पुनः यात्रा करने के लिए तैयार हैं।
इसके अलावा, सरकार ने भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा और आपातकालीन व्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए भी कदम उठाए हैं। क्षेत्रीय प्रशासन ने आपदा प्रबंधन टीमों को तैनात किया है ताकि ऐसी स्थिति में शीघ्र प्रतिक्रिया दी जा सके।