सत्यनारायण मिश्र, वरिष्ठ पत्रकार
गुवाहाटी। केंद्रीय बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने उत्तर-पूर्व के जलमार्ग और समुद्री क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए 5,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की घोषणा की। अगले दशक में 50,000 युवाओं को समुद्री कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। गुवाहाटी में समुद्री कौशल विकास केंद्र और डिब्रूगढ़ में 200 करोड़ की लागत से उत्कृष्टता केंद्र (CoE) स्थापित होगा, जो प्रतिवर्ष 500 नौकरियां सृजित करेगा।
सोनोवाल ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का समुद्री क्षेत्र अभूतपूर्व वृद्धि के दौर से गुजर रहा है। उत्तर-पूर्व को वैश्विक समुद्री व्यापार का केंद्र बनाने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है।”
प्रमुख पहल
कलादान मल्टी-मॉडल ट्रांजिट परियोजना: 2027 तक पूर्ण रूप से चालू, जो म्यांमार के सितवे बंदरगाह से मिजोरम के जोरिनपुई तक सड़क और जलमार्ग से जोड़ेगी, जिससे क्षेत्रीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
जलमार्ग विकास: 610 करोड़ रुपये की लागत से 10 ड्रेजर तैनात किए जाएंगे, जिससे ब्रह्मपुत्र और बराक नदियों में सालभर नौवहन संभव होगा।
100 बार्ज: 2025 तक NW2 और NW16 पर जर्मनी की रेनस कंपनी द्वारा 100 आधुनिक बार्ज संचालित किए जाएंगे।
85 सामुदायिक जेटी: स्थानीय कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए उत्तर-पूर्व में 85 जेटी विकसित की जाएंगी।
-वाटर मेट्रो: गुवाहाटी, तेजपुर और डिब्रूगढ़ में वाटर मेट्रो परियोजना की व्यवहार्यता अध्ययन पूरा, जल्द शुरूआत।
-पर्यटन और कार्गो जेटी: सिलघाट, नियामती, बिस्वनाथ घाट और गुइजान में 300 करोड़ रुपये की लागत से जेटी बनेंगी।
लाइटहाउस और मौसम पूर्वानुमान: पांडु, तेजपुर, बिस्वनाथ और बोगीबील में लाइटहाउस स्थापित होंगे, जो स्थानीय मौसम पूर्वानुमान प्रदान करेंगे।
सोनोवाल ने कहा, “ये पहल उत्तर-पूर्व को व्यापार, पर्यटन और रोजगार का केंद्र बनाने के लिए हैं, जो पीएम मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के दृष्टिकोण को साकार करेंगी।”
