बागेश्वर। बागेश्वर जिले में शिक्षा विभाग द्वारा 11 जर्जर विद्यालयों को चिह्नित किया गया है। इन विद्यालयों की जर्जर स्थिति के कारण कक्षाओं का संचालन कठिन हो गया था, जिसके कारण विभाग ने मानसून काल से पहले इन विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की है। इन विद्यालयों में कक्षाओं को संचालित करने के लिए दूसरे स्थानों का चयन कर लिया गया है, ताकि बच्चों की शिक्षा में कोई विघ्न न आए।
जर्जर विद्यालयों का चिह्नन और वैकल्पिक स्थानों का चयन
जिले के शिक्षा विभाग द्वारा चिह्नित किए गए जर्जर विद्यालयों में अधिकांश कपकोट ब्लॉक में स्थित हैं। कपकोट में कुल 6 विद्यालयों को दूसरी जगहों पर शिफ्ट किया गया है। इसके अलावा, बागेश्वर और गरुड़ ब्लॉकों में भी कुछ विद्यालयों के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं बनाई गई हैं। इस कदम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि बच्चों को शिक्षा में कोई भी विघ्न न आए, चाहे मानसून के मौसम में बाढ़ या अन्य आपदाएं ही क्यों न हों।
कपकोट ब्लॉक के वैकल्पिक विद्यालय
कपकोट ब्लॉक के विभिन्न विद्यालयों को स्थानांतरित करने की व्यवस्था की गई है। इनमें से कुछ प्रमुख विद्यालय और उनकी नई व्यवस्था इस प्रकार हैं:
राप्रावि दाड़िमठौक (9 छात्रसंख्या)
यह विद्यालय आपात स्थिति में अब पंचायत घर दाड़िमठौक में संचालित किया जाएगा।
राप्रावि गुरगुच्चा (1 छात्रसंख्या)
यह विद्यालय गांव के निजी भवन में चलाया जाएगा, ताकि छात्र अपनी पढ़ाई जारी रख सकें।
राप्रावि सकोड़ा (11 छात्रसंख्या)
इस विद्यालय को स्कूल के अन्य कक्षों में संचालित किया जाएगा, ताकि छात्रों को कोई असुविधा न हो।
राउप्रावि काफलीकमेड़ा (9 छात्रसंख्या)
इस विद्यालय को गांव के निजी भवन में शिफ्ट किया जाएगा, जहां छात्र आसानी से अपनी पढ़ाई कर सकेंगे।
राप्रावि बैकोड़ी (5 छात्रसंख्या)
इस विद्यालय को स्कूल के अतिरिक्त कक्षों में चलाने की व्यवस्था की गई है।
राप्रावि मिकिला (10 छात्रसंख्या)
इस विद्यालय को भी गांव के निजी भवन में शिफ्ट किया गया है।
राप्रावि मल्लादेश (4 छात्रसंख्या)
यह विद्यालय राप्रावि फरसाली बल्ली में शिफ्ट किया जाएगा, ताकि छात्रों को किसी भी तरह की परेशानी न हो।
राप्रावि बांजीधार (27 छात्रसंख्या)
इस विद्यालय को गांव के निजी भवन में संचालित किया जाएगा।
राप्रावि कीमू लीती (6 छात्रसंख्या)
यह विद्यालय भी गांव के निजी भवन में चलाया जाएगा।
बागेश्वर और गरुड़ ब्लॉक की व्यवस्था
बागेश्वर और गरुड़ ब्लॉकों में भी कुछ विद्यालयों को शिफ्ट किया गया है। इन ब्लॉकों में कुल 11 विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए वैकल्पिक स्थानों की व्यवस्था की गई है:
राप्रावि मालदे (21 छात्रसंख्या)
इसे राप्रावि नौघर में शिफ्ट किया जाएगा।
राउमावि फुलवारीगूंठ (24 छात्रसंख्या)
इसे राउमावि जिनखोली में स्थानांतरित किया जाएगा।
मानसून से पूर्व व्यवस्था
शिक्षा विभाग ने यह सुनिश्चित किया है कि मानसून के पहले ही इन जर्जर विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त वैकल्पिक व्यवस्था तैयार हो जाए। यह कदम विद्यार्थियों की शिक्षा को निरंतर बनाए रखने के लिए उठाया गया है। मानसून के दौरान बाढ़, भूस्खलन या अन्य आपदाओं के कारण स्कूलों की हालत बिगड़ने की संभावना होती है, ऐसे में इस कदम से बच्चों को असुविधा नहीं होगी।
शिक्षा विभाग की पहल
शिक्षा विभाग ने इस पहल के माध्यम से यह संदेश दिया है कि बच्चों की शिक्षा में किसी भी प्रकार की रुकावट नहीं आने दी जाएगी, चाहे हालात कितने भी कठिन क्यों न हों। यह कदम न केवल बच्चों के लिए लाभकारी है, बल्कि यह शिक्षा के प्रति विभाग की गंभीरता को भी प्रदर्शित करता है। विभाग ने यह सुनिश्चित किया है कि इन सभी वैकल्पिक व्यवस्थाओं का पालन ठीक से किया जाएगा और जहां जरूरत होगी, वहां सुधार कार्य भी किए जाएंगे।
स्थानीय प्रशासन की मदद
इस प्रयास में स्थानीय प्रशासन और पंचायतों का भी सहयोग लिया जा रहा है। शिक्षा विभाग ने इस बार पंचायतों के सहयोग से निजी भवनों और अन्य स्थानों का चयन किया है, ताकि बच्चों को पढ़ाई में किसी भी प्रकार की बाधा न आए। इसके अलावा, इन वैकल्पिक विद्यालयों की सुरक्षा और सुविधाओं का भी ध्यान रखा जाएगा।
भविष्य में सुधार
शिक्षा विभाग के अधिकारी इस बात से भी अवगत हैं कि विद्यालयों के ढांचे को सुधारने की आवश्यकता है, और भविष्य में इन जर्जर विद्यालयों की मरम्मत या पुनर्निर्माण के लिए कदम उठाए जाएंगे। विभाग का उद्देश्य है कि सभी विद्यालयों को सुरक्षित, सुसज्जित और बच्चों के लिए उपयुक्त बनाया जाए, ताकि कोई भी बच्चा बिना किसी परेशानी के शिक्षा प्राप्त कर सके।
निष्कर्ष:
यह कदम बागेश्वर जिले में शिक्षा के स्तर को बनाए रखने और बच्चों की शिक्षा में किसी भी प्रकार की विघ्नता को दूर करने के लिए उठाया गया है। शिक्षा विभाग की यह पहल निश्चित रूप से जिले के विद्यार्थियों के लिए एक सकारात्मक बदलाव साबित होगी, जो उन्हें बेहतर भविष्य की दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करेगी।