ईरान-इजराइल संघर्ष पर विराम, कतर की मध्यस्थता से बनी शांति की राह

ट्रंप की पहल पर हुआ समझौता, मिसाइल हमलों में चार की मौत

WORLD:  पश्चिम एशिया में बीते 12 दिनों से जारी ईरान-इजराइल संघर्ष आखिरकार थमता नजर आ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से युद्धविराम की घोषणा के कुछ घंटों बाद ईरान ने भी इसकी पुष्टि कर दी है। हालांकि, इजराइल की ओर से अभी तक औपचारिक बयान नहीं आया है, लेकिन उसकी सेना ने मिसाइल हमलों की बात स्वीकार की है। इस बीच न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया है कि कतर की मध्यस्थता से यह समझौता संभव हो पाया।

ईरान की पुष्टि, ‘आखिरी मिनट तक लड़ी सेना’

ईरान के सरकारी टेलीविजन ने मंगलवार सुबह आधिकारिक रूप से युद्धविराम की घोषणा की। इसके कुछ ही समय बाद ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने सुबह 4:30 बजे सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि संघर्षविराम प्रभावी हो चुका है। उन्होंने कहा कि ईरानी सेना “आखिरी मिनट तक लड़ी” लेकिन अब दोनों पक्षों में समग्र युद्धविराम पर सहमति बन गई है।

ट्रंप ने कहा – ‘पूर्ण और समग्र युद्धविराम’

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कतर में अल उदीद एयरबेस से कुछ ही घंटे पहले अपने बयान में कहा कि “इजराइल और ईरान इस बात पर पूरी तरह से सहमत हो गए हैं कि पूर्ण और समग्र युद्धविराम होगा।” ट्रंप ने यह घोषणा उस समय की जब अमेरिकी बमवर्षकों ने दो दिन पहले ही ईरान की परमाणु सुविधाओं पर हमला किया था। उनके अनुसार, संघर्षविराम चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।

मिसाइल हमले में चार की मौत, इजराइल ने दागी मिसाइलों की पुष्टि की

ईरान द्वारा युद्धविराम की पुष्टि के बावजूद, मंगलवार सुबह इजराइली सेना ने बताया कि ईरान ने तीन बार मिसाइल हमले किए। इजराइली आपातकालीन सेवा के अनुसार, इन हमलों में कम से कम चार लोगों की मौत हुई है। इन हमलों के जवाब में इजराइल की प्रतिक्रिया को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

कतर की चुपचाप भूमिका, राजनयिकों का दावा

तीन वरिष्ठ राजनयिकों ने न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया कि कतर के शीर्ष अधिकारियों ने ईरान को अमेरिका के प्रस्ताव पर सहमत होने के लिए मनाया। इसके बाद इजराइल ने भी इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कर दिए। कतर की इस कूटनीतिक सफलता ने एक बड़ी संभावित जंग को टालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

अल उदीद एयरबेस पर मौजूद हैं 10,000 अमेरिकी सैनिक

गौरतलब है कि अमेरिका का अल उदीद एयरबेस, जो मध्य पूर्व में सबसे बड़ा सैन्य प्रतिष्ठान है, हाल के दिनों में बेहद सक्रिय रहा। यह एयरबेस अमेरिका की सेंट्रल कमांड का क्षेत्रीय मुख्यालय भी है, जहां लगभग 10,000 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। ट्रंप का युद्धविराम संबंधी बयान इसी बेस से सामने आया, जो इस संघर्ष में अमेरिका की प्रत्यक्ष सैन्य भूमिका को दर्शाता है।

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का बयान

अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस घटनाक्रम को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि युद्ध अब समाप्त हो चुका है और यह शांति प्रक्रिया को फिर से शुरू करने का एक अवसर है। उन्होंने कहा, “अब हमें उस दिशा में काम करना है जिससे यह संघर्ष भविष्य में न दोहराया जाए।”

विश्वभर में राहत की लहर, लेकिन सतर्कता बनी हुई है

ईरान और इजराइल के बीच शांति बहाली के संकेतों से दुनिया भर में राहत की लहर दौड़ गई है। लेकिन सुरक्षा एजेंसियों और राजनयिक विश्लेषकों का मानना है कि इस संघर्ष की जड़ें गहरी हैं, और हालिया विराम को स्थायी बनाने के लिए सभी पक्षों को कूटनीतिक संवेदनशीलता और परिपक्वता के साथ आगे बढ़ना होगा।

यह युद्धविराम जहां पश्चिम एशिया के लिए राहत की सांस लेकर आया है, वहीं यह वैश्विक कूटनीति की सफलता और क्षेत्रीय सहयोग की ताकत का उदाहरण भी बनकर उभरा है।

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