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वक्फ विधेयक पर लोगों को गुमराह करने की राजनीति नहीं, बहस करेंः किरन रिजिजू

नयी दिल्ली। केन्द्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरन रिजिजू ने वक्फ विधेयक के विरोध करने वालों की सोमवार को कड़ी आलोचना करते हुए, उनसे विधेयक पर लोगों को गुमराह करने की राजनीति करने के बजाए, चर्चा करने की अपील की।
श्री रिजिजू ने राजधानी में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यह विधेयक गरीब मुसलमानों के हक में है और यह जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि इस विधेयक पर संसद में विस्तार से चर्चा होगी और विरोधी इस पर चर्चा करें , झूठ न फैलाएं।
मंत्री ने कहा कि यह लोगों को बरगलाया जा रहा है कि सरकार इस विधेयक के जरिए कब्रिस्तानों, दरगाहों और मस्जिदों की जमीन छीन लेगी। उन्होंने कहा कि इससे बड़ा कोई और झूठ नहीं हो सकता है। लोगों को इस तरह से गुमराह करने वाले लोग समाज के लिए खतरा हैं और लोगों को उन पर नजर रखनी चाहिए।
श्री रिजिजू ने कहा कि ऐसे ही लोगों ने नागरिकता (संशोधन) अधिनियम का भी विरोध किया था और फैलाया था कि इससे मुसलमानों की नागरिकता छीन ली जाएगी। उन्होंने सवाल किया कि क्या एक साल में किसी भारतीय मुसलमान की नागरिकता छीनी गयी है?
श्री रिजिजू ने कहा कि इस तरह लोगों को गुमराह करने की हरकत शरारतपूर्ण है और इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इस बारे में स्पष्ट सोच है, ‘सबका साथ, सबका विकास।’
मंत्री ने कहा कि हिंदू, मुस्लिम, सिख, बौद्ध, ईसाई और पारसी सभी मिलकर भारत को और अच्छा देश बनाएंगे। उन्होंने कहा कि वक्फ विधेयक को लेकर ईद जैसे त्योहार का इस्तेमाल कुछ लोगों ने राजनीति के लिए किया और आज लोगों को वक्फ विधेयक के खिलाफ काली पट्टी पहनकर नमाज के लिए उकसाया।
श्री रिजिजू ने सवाल किया कि ईद जैसे पवित्र त्योहार का इस्तेमाल राजनीति के लिए करना ठीक है?
मंत्री से केरल के ईसाई धर्मगुरुओं की केरल बिशप कौंसिल द्वारा की गई उस अपील के बारे में भी पूछा गया, जिसमें कौंसिल ने वक्फ बोर्ड की मौजूदा व्यवस्था के ठीक किए जाने की जरूरत को रेखाकिंत किया है।
श्री रिजिजू ने कहा कि क्या केरल के सांसदों को बिशप कौंसिल की चिंता पर ध्यान नहीं देना चाहिए। उन्होंने इस सुझाव को हास्यापद बताया कि बिशप कौंसिल के रुख के पीछे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का हाथ है।

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