सुप्रीम कोर्ट में शीतकालीन अवकाश खत्म

नई दिल्ली। भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) संजीव खन्ना ने बृहस्पतिवार को शीतकालीन अवकाश के बाद उच्चतम न्यायालय खुलने पर वकीलों और वादियों को नववर्ष की बधाई दी। उच्चतम न्यायालय में 21 दिसंबर, 2024 से एक जनवरी 2025 के बीच शीतकालीन अवकाश था।

सीजेआई ने दिन की कार्यवाही की शुरुआत में कहा, “मैं आप सभी को नव वर्ष की शुभकामनाएं देता हूं। आप सभी के लिए, आपके परिवार के लिए… नव वर्ष मंगलमय हो।” सीजेआई ने कहा, “मुझे बताया गया है कि मामलों के उल्लेख के लिए ईमेल काम नहीं कर रहा है। लिहाजा आप भौतिक रूप से दस्तावेज पेश कर सकते हैं।”

उन्होंने कहा कि इन दस्तावेजों की दोपहर में समीक्षा की जाएगी, और मामलों को सूचीबद्ध करने के लिए आवश्यक आदेश जारी किए जाएंगे। प्रधान न्यायाधीश के रूप में कार्यभार संभालने के बाद न्यायमूर्ति खन्ना ने सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष मामलों को तत्काल सूचीबद्ध करने के लिए मौखिक दलीलें पेश करने पर रोक लगा दी थी।

उन्होंने कहा था कि वकीलों द्वारा ईमेल भेजने या पत्र लिखने के बाद ही मामलों को तत्काल सूचीबद्ध करने की अनुमति दी जाएगी। आमतौर पर वकील दिन की कार्यवाही के आरंभ में प्रधान न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष मामलों का उल्लेख करते हैं, ताकि मामलों को बारी-बारी से पहले सूचीबद्ध किया जा सके और तात्कालिकता के आधार पर सुनवाई की जा सके।

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