डॉ आनंद भारद्वाज को विद्या सागर व नवीन निश्चल को मिली विद्या वाचस्पति

रुड़की। विक्रमशिला हिंदी विद्या पीठ भागलपुर ने उत्तराखंड के संस्कृत शिक्षा निदेशक डॉ आनंद भारद्वाज को विद्या सागर व शिक्षाविद नवीन शरण निश्चल को उनकी हिंदी साहित्यिक सेवाओं के लिए विद्या वाचस्पति का सम्मान दिया है जबकि विद्यापीठ के मानद उपकुलपति व उत्तराखंड के वरिष्ठ साहित्यकार डॉ श्रीगोपाल नारसन को उनके हिंदी भाषा योगदान के लिए उत्तराखंड गौरव सम्मान से विभूषित किया है।

अंग प्रदेश की भूमि बिहार के भागलपुर के बाराहाट में हुए विक्रमशिला हिंदी विद्यापीठ के वार्षिक अधिवेशन में कुलाधिपति डॉ रामजीवन मिश्र,कुलपति डॉ दयानन्द जायसवाल व कुलसचिव डॉ देवेंद्र नाथ शाह ने उक्त सम्मान प्रदान किया है।अधिवेशन में उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा निदेशक डॉ आनंद भारद्वाज ने विद्यापीठ का अगला अधिवेशन हरिद्वार में किये जाने का प्रस्ताव रखा,जिसे सहर्ष स्वीकार किया गया ,वही उपकुलपति डॉ श्रीगोपाल नारसन ने विद्यापीठ की वैश्विक हिंदी सेवा का उल्लेख करते हुए जहां केंद्र सरकार से विद्यापीठ को आर्थिक मजबूती देने की अपील की वही ब्रह्माकुमारीज के द्वारा ईश्वरीय वाणी मुरली के माध्यम से विश्व स्तर पर हो रही हिंदी सेवा की सराहना की।अधिवेशन में कविताओ का दौर भी चला।इस अवसर पर विभिन्न राज्य से शामिल हुई हिंदी साहित्य की विभूतियों की पुस्तकों का लोकार्पण भी किया गया।

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