नैनीताल। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) पेपर लीक मामले में आरोपी लखनऊ की आरएमएस कम्पनी के निदेशक राजेश कुमार चौहान को गुरुवार को अल्पावधि (शार्ट टर्म) जमानत स्वीकृत की गयी।
आरोपी को पत्नी के उपचार के लिए एक सप्ताह की जमानत स्वीकृत की गयी है। शीतकालीन अदालत न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की एकलपीठ में आरोपी के अंतरिम जमानत प्रार्थना पत्र पर आज सुनवाई हुई। आरोपी की ओर से कहा गया कि उसकी धर्मपत्नी बीमार है और उपचार किया जाना है।
आरोपी की ओर से यह भी कहा गया कि वह इस मामले में नामजद अभियुक्त नहीं है तथा विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने उन्हें 161 के बयानों के आधार पर आरोपी बनाया है। आरोपी के अधिवक्ता नारायण हर गुप्ता ने बताया कि अदालत ने प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए एक सप्ताह की शार्ट टर्म जमानत प्रदान कर दी है।
कंपनी के निदेशक पर यूकेएसएसएससी भर्ती के दौरान सचिवालय रक्षक और वीडियो भर्ती परीक्षा का पेपर लीक का आरोप है। आरोपियों के खिलाफ धारा 420, 467,468,471,409 120बी के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है तथा इसी के तहत 27 अगस्त, 2022 को आरोपी को गिरफ्तार कर विशेष विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने जेल भेज दिया था।