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तीन माह से गिनी में फंसे उत्तराखंड के युवाओं से परिजनों का संपर्क कटा

पीएम मोदी और सीएम से लगायी मदद की गुहार, नाइजीरिया के कब्जे में होने का संदेह

हल्द्वानी । करीब तीन माह से अफ्रीकी देश गिनी में फंसे उत्तराखंड के दो युवकों सहित सोलह भारतीयों से उनके परिजनों का संपर्क कट गया है। ये लोग अपनी रिहाई की मांग को लेकर 14 अगस्त से सोशल मीडिया में वीडियो वायरल कर रहे थे। इसमें पीएम मोदी से गुहार लगायी जा रही थीं।

उत्तराखंड मूल के लोग मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भी रिहाई की गुहार लगा रहे थे। ताजा जानकारी के अनुसार हल्द्वानी निवासी सौरभ स्वार और देहरादून निवासी कैप्टन अनुज मेहता से उनके परिजनों का संपर्क टूट गया है। इससे परिज    परेशान हैं।
तीन दिन पहले गौलापार निवासी सौरभ स्वार सहित अन्य साथियों ने अपनी रिहाई के लिए सोशल मीडिया में एक वीडियो वायरल किया था। इनको नाइजीरिया नेवी गिरफ्तार करने जा रही है। इन्होंने नाइजीरिया से खतरा बताया था। उनका कहना है कि गिनी नौसेना नाविकों को नाइजीरिया ले जा रही है।

इस बीच दो दिन पहले से उत्तराखंड के गौलापार निवासी नाविक सौरभ का फोन रिसीव नहीं हो पा रहा है। इससे परिजनों की बेचैनी बढ़ गई है। बुधवार को सौरभ ने बताया था कि गिनी में उन्हें और उनके साथियों को जहाज के अंदर कैद करके रखा गया है। गिनी नौसेना अब नाइजीरिया के हवाले करने जा रही है जिस से खतरा बना हुआ है।

बताया जा रहा है कि इसी दिन 19 भारतीय नाविकों को गिनी नौसेना ने अपने वार शिप में शिफ्ट कर दिया था और नाइजीरिया चलने को कहा है।सभी भारतीय ने इंटरनेट मीडिया से शेयर की गई सभी पोस्टों को हटा दिया है।

गौलापार हल्द्वानी के सौरभ स्वार व देहरादून के तनुज मेहता आईएसएम फ्लीट मैनेजमेंट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के कर्मचारी हैं। एमटी हीरोट ईडन शिप में काम करते हैं। सौरभ ने बताया था कि उनकी कंपनी का जहाज सभी देशों में जाता है और कच्चे तेल का ट्रांसपोर्टेशन करता है।

सौरभ के अनुसार आठ अगस्त को उनका जहाज 16 भारतीय सहित 26 नाविकों को लेकर कच्चा तेल भरने के लिए नाइजीरिया के एकेपीओं टर्मिनल पहुंचा था लेकिन तेल भरने से पहले नाइजीरिया के इशारे पर 14 अगस्त को अफ्रीकी देश गिनी की नौसेना ने उनके जहाज को कब्जे में ले लिया।

नाइजीरिया ने शिप पर तेल चोरी का आरोप लगाया है। चार महीने बाद भी गिनी नौसेना ने उनको हिरासत में ले रखा है। सौरभ के परिजनों से अब उनका संपर्क नहीं हो रहा है। इस बीच सौरभ के परिजनों ने एसडीएम के माध्यम से एक ज्ञापन कमिश्नर कुमाऊं दीपक रावत, सीएम और पीएम को भेजा है। केंद्रीय राज्य मंत्री अजय भट्ट पहले से ही हर संभव मदद का भरोसा दे चुके हैं।

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