टीबी मरीजों को लिया जायेगा गोदः धन सिंह रावत

देहरादून। प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत नि-क्षय मित्र पंजीकरण में उत्तराखंड देशभर में दूसरे स्थान पर है। राज्य में अबतक 5221 नि-क्षय मित्रों द्वारा पंजीकरण किया गया है स्वास्थ्य विभाग द्वारा इन सभी नि-क्षय मित्रों को स्थानीय स्तर पर तपेदिक रोगी उपलब्ध करा दिये गये हैं। सूबे में शत-प्रतिशत टीबी रोगियों को गोद लिया जायेगा। जिसके लिये विभिन्न संस्थाओं, विभागों के साथ-साथ सामुदायिक सहयोग लिया जायेगा।

चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री  धन सिंह रावत ने मीडिया को जारी एक बयान में बताया कि प्रदेश में प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान जोर-शोर से चल रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के बाद उत्तराखंड देश का दूसरा राज्य हैं जहां टीबी रोगियों को गोद लेने के लिये सर्वाधिक नि-क्षय मित्रों का पंजीकरण किया गया है।

रावत ने बताया कि राज्य में अबतक 5221 नि-क्षय मित्रों ने अपना पंजीकरण किया है। जिसमें अल्मोड़ा जनपद में 428, बागेश्वर में 84, चमोली में 197, चम्पावत में 140, देहरादून में 458, पौड़ी में 356, हरिद्वार में 886, नैनीताल में 8843, पिथौरागढ़ में 242, रूद्रप्रयाग में 78, टिहरी गढ़वाल 261, ऊधम सिंह नगर में 1095 और उत्तरकाशी में 153 शामिल है।

उन्होंने बताया कि ये सभी नि-क्षय मित्र गोद लिये गये टीबी रोगियों के उपचार एवं देखभाल में सहयोग करेंगे। विभागीय मंत्री ने बताया कि राज्य में 14536 टीबी रोगी पंजीकृत हैं जिसमें से 12766 रोगियों ने सामुदायिक सहायता प्राप्त करने के लिये अपनी सहमति प्रदान कर दी है।

जिसमें अल्मोड़ा जनपद के 367, बागेश्वर के 159, चमोली के 316, चम्पावत के 175, देहरादून के 2398, पौड़ी के 460, हरिद्वार के 3330, नैनीताल के 1909, पिथौरागढ़ के 291, रूद्रप्रयाग के 213, टिहरी गढ़वाल के 426, ऊधम सिंह नगर के 2351 और उत्तरकाशी के 401 मरीज शामिल हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शत-प्रतिशत टीबी रोगियों को गोद लिया जायेगा।

इसके लिये प्रदेशभर के निजी शिक्षण संस्थानों, विभिन्न विभागों के सचिवों एवं निदेशकों, समस्त जनपदों के मुख्य विकास अधिकारियों, विभिन्न संगठनों, व्यापारिक घरानों, एनजीओ सहित प्रतिष्ठित व्यक्तियों से नि-क्षय मित्र बनकर टीबी रोग उन्मूलन में सहयोग लिया जायेगा। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत प्रत्येक नि-क्षय मित्र कम से कम एक और अधिकतम पांच टीबी मरीज गोद लेकर उनके उपचार में सहयोग प्रदान कर सकता है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.