After Header-1

चम्पावत उप चुनाव : धामी के खिलाफ निर्मला ही कांग्रेस की बेहतर तारणहार 

तीस साल के राजनीतिक सफर में रही हैं निर्विवाद, हरीश, प्रीतम के साथ ही यशपाल और करन माहरा चम्पावत में डालेंगे डेरा

  • महिलाओं को प्रभावित करने वाले मुद्दे होंगे कांग्रेस के श , कई अन्य मुददों को भी दी जा रही है धार

हल्द्वानी । लंबी कसरत के बाद कांग्रेस ने चम्पावत उप चुनाव के लिए निर्मला गहतोड़ी को मैदान में उत्तार कर सीएम पुष्कर सिंह धामी के साथ मुकाबले की कहानी लिख ली है।

कांग्रेस रणनीतिकारों का दावा है कि इस समय चम्पावत में निर्मला गहतोड़ी से ज्यादा बेहतर कोई भी दावेदार नहीं हो सकता था। इससे कांग्रेस के सभी क्षत्रप काम करेंगे और पार्टी के नेता एक दूसरे के खिलाफ विष भी वमन नहीं करेंगे।

दावा यह भी किया जा रहा है कि निर्मला गहतोड़ी को पूर्व सीएम हरीश रावत, पूर्व पीसीसी प्रमुख प्रीतम सिंह, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और पीसीसी प्रमुख करन सिंह माहरा का पूरा सहयोग रहेगा।

बताया जा रहा कि अपने तीस साल के राजनीतिक कैरियर में निर्मला पर किसी खास विशेष नेता के गुट की होने का तमगा नहीं लगा है। यही निर्विवाद छवि निर्मला के चयन का आधार बनी है और पूर्व सीएम के खिलाफ एक महिला को आगे कर कांग्रेस ने बेरोजगारी, महंगाई और पलायन जैसे मुद्दों को धार देने का संकेत दिया है।

गौरतलब है कि पूर्व विधायक हेमेश खर्कवाल द्वारा उप चुनाव न लडऩे की इच्छा जाहिर करने के बाद कांग्रेस के पास चम्पावत उप चुनाव में जाने के लिए किसी निर्विवाद चेहरे की जरुरत थी।

इसके लिए पार्टी को निर्मला गहतोड़ी से बेहतर प्रत्याशी नहीं मिल सकता था। चूंकि निर्मला गहतोड़ी ग्राम प्रधान से लेकर जिलाध्यक्ष एवं राज्य मंत्री स्तर पर काम कर चुकी हैं। उनको संगठन के साथ चुनाव लड़ाने का भी अनुभव है।

इसके इतर सबसे महत्वपूर्ण बात यह भी है कि गहतोड़ी के चुनाव मैदान में उतरने से कांग्रेस में धड़ेबाजी नहीं होगी।

सभी लोग एक साथ मिलकर काम करेंगे। जबकि हाल में हुए विस चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी हेमेश खर्कवाल को कई जगहों में पार्टी के गुटीय नेताओं से नुकसान भी उठाना पड़ा था। बताया जा रहा है कि अब उप चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी को खर्कवाल की तरह से नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा।

कांग्रेस रणनीतिकारों के अनुसार उप चुनाव में जीत के लिए नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पीसीसी प्रमुख करन माहरा, पूर्व पीसीसी प्रमुख प्रीतम सिंह, पूर्व सीएम हरीश रावत समेत कई नेता चम्पावत में डेरा डालेंगे।

पार्टी जल्दी ही चुनाव संचालन कमेटी का गठन करेगी और सीएम धामी को घेरने के लिए खास रणनीति पर काम करेगी। पार्टी के एक नेता का कहना है कि पूर्व जिलाध्यक्ष निर्मला गहतोड़ी के पास खोने के लिए कुछ भी नहीं है और पाने के लिए सारा जहां है।

यदि वे चुनाव में जीत जाती हैं तो इतिहास में दर्ज हो जाएंगी और यदि हार गई तो भी एक मुख्यमंत्री के साथ चुनाव लडऩे का अनुभव भी मिलेगा।

कांग्रेस के एक बड़े नेता का यह भी दावा है कि इस समय के हालात में चम्पावत से निर्मला गहतोड़ी पूर्व विधायक हेमेश खर्कवाल से बेहतर साबित हो सकती हैं। इसे पार्टी को महिलाओं को एकजुट करने और महिलाओं से जुड़े मुद्दे लोगों के बीच ले जाने में मदद मिलेगी।

पार्टी रणनीतिकारों का कहना है कि इस उप चुनाव में कांग्रेस भाजपा सरकार के एक माह के कार्यकाल की उपलब्धियों के साथ ही पिछले पांच साल में लोगों के साथ की गई उपेक्षा के साथ ही बेरोजगारी, पलायन और महंगाई को मुद्दा बनाएगी।

पांच राज्यों के विस चुनाव के बाद महंगाई कई गुना बढ़ गई है। कांग्रेस इस महंगाई को धामी के खिलाख यूज करना चाहती है। पार्टी मतदाताओं को रिझाने के लिए खास तरह के फार्मूले कर काम करने जा रही है। बताया जा रहा है कि जल्दी ही पार्टी उप चुनाव की रणनीति का खुलासा करेगी।

Leave A Reply

Your email address will not be published.