उमा ने शराब की दुकान में मारी पत्थर, उठा सियासी तूफान 

राकेश प्रजापति
भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने कल राजधानी भोपाल में एक शराब की दुकान में पत्थर मारकर शराब की बोतलें तोडने के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है । उमा भारती द्वारा फेंकें गए पत्थर के कई मायने निकाले जा रहे है ।

राजनीति की नब्ज जानने बाले बैध इसे शिवराज के नेत्रत्व में चलने बाली सरकार के मातहत काम करने बाले नौकरशाहों के निकम्मेपन की दासता खुद व खुद बयाँ कर रहे । जिस शराब दूकान को शराब बंदी के लिए निमत्त मान रहे है , उस शराब दूकान को बंद करने के लिए क्षेत्र की महिलाए कई बार आन्दोलन कर चुकी है बाबजूद इसके उक्त शराब दूकान सरकार की नीति के अनुरूप गलत थी । अब इसका खामियाजा शिवराज सरकार को भुगतना पड रहा है । अब इस आग में कांग्रेस पेट्रोल छिडकने का काम कर रही है । कांग्रेस उमा भारती के समर्थन में आ गई है ।

आगामी विधानसभा चुनाव से पहले उमा भारती के तेवर तीखे नजर आ रहे है। इससे कयास लगाया जा रहा है कि उमा 2023 के विधानसभा या 2024 के लोकसभा चुनाव में मध्य प्रदेश से अप्रत्यक्ष रूप से दावेदारी ठोक दी है ! चूंकि बीते दिनों वे संकेत भी दे चुकी है कि वो 2024 में चुनाव लड़ेंगी।

उमा भारती के शराबबंदी अभिायन के तहत इस घटनाक्रम से भाजपा में भोपाल से लेकर दिल्ली तक हलचल तेज हो गई है ! यह देखना दिलचस्प होगा की अब उमा का अगला एक्शन क्या होता है ?

इसी बीच आज उमा भारती ने सीएम को पत्र में लिखा है कि मैंने डेढ साल पहले आपसे चर्चा की थी और आपकी तरफ से सकारात्मक जवाब मिला था कि मैं इस जागरुकता अभियान करुं और प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा ने भी इसी तरह का मिलता जुलता जवाब दिया था।

मेरा मानना है कि शराबबंदी की पहल पहले मप्र सरकार करें और समाज सरकार का साथ दें, क्योंकि सरकार की रजामंदी से ही दुकानें खोली जाती है। गंगा यात्रा के बाद मैंने आपने मिलना का समय मांगा, लेकिन आप ही सम्मान पूर्वक मुझसे मिलने आए।आपने मुझे सुझाव दिया था कि नशा मुक्ति और शराबबंदी को लेकर सामाजिक अभियान चलाया जाए, जिसमें सरकार भी साथ देगी।

उमा ने आगे लिखा है कि मैं रविवार को भोपाल के बरखेड़ी पठानी के आजाद नगर गई, जहां बस्ती, स्कूल और मंदिर के आसपास शराब दुकानें बनी हुई है, जिसके विरोध में यहां की महिलाएं कई बार धरना, प्रदर्शन और शिकायतें कर चुकी है, पिछले 3 साल से हर बार प्रशासन आश्वासन देता है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। महिलाओं ने मुझे बताया कि जब भी बच्चियां या महिलाएं बाहर जाती है तो पुरूष शराब पीकर उनकी तरफ देखकर लघुशंका करते है।

इतना सुनने के बाद मैं तुरंत मुड़ी और शराब की दुकान पर एक पत्थर दे मारा।सरकार को तुरंत ही निषिद्ध और वर्जित जगहों पर स्थित शराब दुकानों और आहातों को बंद कर देना चाहिए।वही मैं भी एक महिला हूं और महिलाओं के सम्मान के लिए मैंने यह किया। मैं आपकी बात से सहमत हूं कि सामाजिक सस्थाएं और सरकार जागरुकता अभियान चलाएगी तो मैं भी समर्थन करुंगी।

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