हरीश व रेखा के बीच मरखुल्या बल्द व उज्याड़ू बकरी का खेल तेज

पूर्व सीएम हरीश रावत के वार का रेखा ने दिया जवाब 

देहरादून। हरीश रावत एक बार फिर से अपने व्यंग्य बाणों से विरोधियों के निशाने पर आ गये हैं। कुछ दिन पहले राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी से हुई भिड़ंत अभी चल ही रही थी कि अब रेखा आर्य के साथ हरदा का सोशल मीडियावार शुरू हो गया है। रावत ने कांग्रेस छोड़ भाजपा में गये नेताओं को जहां उज्याड़ू बल्द व उज्याड़ू बकरियों के नाम से संबोधित किया गया है वहीं काबीना मंत्री रेखा आर्य ने भी सोशल मीडिया से उनको मरखुल्या बल्द बताते हुए हमला किया है। 
हरीश रावत ने फेसबुक के जरिये लिखा है कि कुछ उज्याड़ बल्द और उज्याड़ा बकरियां, उनसे पूछ रहे हैं कि मेरा कौन सा चुनाव आखिरी है।  इसके जवाब में कहते हैं कि अरे जब-जब उत्तराखंडियत पर आक्रमण होगा, किसान और दलित के हितों पर चोट पहुंचेगी, महिलाओ का निवाला छीना जाएगा, नौजवानों से रोजगार छीना जाएगा, हरीश रावत श्मशान से भी आकर के खड़ा हो जाएगा। इस समय इन सब वर्गों के हितों पर निरंतर चोट हो रही है और यह चोट उनसे कह रही है कि हरीश रावत एक राउंड और तुमको 5 साल के हरीश रावत के तरीके से खेल खेला होवे।
 उधर काबीना मंत्री रेखा आर्य ने भी सोशल मीडिया से ही रावत के बात का जवाब दिया है। आर्य ने फेसबुक अकाउंट रावत को मूनठेपी, मारखूली बल्द करार दिया है। दाज्यू ठैरे से शुरू इस पोस्ट में रेखा आर्य ने लिखा है कि अबकी दाज्यू बोले खेल खेला होवे दाज्यू होवे तो जरूर लेकिन पहले अपनी पार्टी से करो अभी तो आपकी पहली लड़ाई अपनी पार्टी से है अपना चेहरा बनाने की अब तक आप स्वयंभू मुख्यमंत्री चेहरा जो ठैरे। रेखा आगे लिखती हैं कि दाज्यू उज्याड़ा बल्द और बकरियाँ तो एक बार आवाज से वापस भी आ जाते हैं लेकिन हमारे वहां एक और खतरनाक बल्द होता है जिसे कहते हैं ‘मारखूली मुनठेपी बल्द‘ ये बल्द अपने आसपास किसी को फटकने नहीं देता है और हमेशा खुद का ही पेट भरने में रहता है। जिसकी प्रवृत्ति से हार कर सब उससे दूर हो जाते हैं,और अंत में वह अकेला ही रह जाता है। वही स्थिति अब आपकी भी हो रही है। क्या करें, दाज्यू आपकी आदत तो रही है ’सबको परेशान करो, राज करो’ उसी की परिणित रही है कि आप आज अकेले ही चलने को मजबूर हो। दाज्यू आपने एक बात और कही कि जब-जब उत्तराखंडियत पर चोट होगी आप श्मशान से भी आकर खड़ा हो जाओंगे, इसका जवाब रेखा ने यह कहकर दिया है कि जब मुख्यमंत्री पद की बात होती है तब-तब आप जवान हो जाते हो और जब-जब आप जवान होने की कोशिश करते हो तब-तब आप की पार्टी के ही नेता जो आपके टाप 10 के खास थे वह कह देते हैं कि अब कांपते हाथ सत्ता नहीं संभाल सकते। दाज्यू ये आपकी पार्टी के लोग आपका ऐसा उपहास करते है जिससे हमें भी तकलीफ होती है। बहरहाल रेखा ने लंबी चौड़ी पोस्ट लिख कर हरदा पर सवाल दागने में कोई कसर नहीं छोड़ी ।

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