भारतीय चिकित्सा पद्धति के तहत देश में शल्य चिकित्सा प्राचीन काल से

Minister of State for AYUSH Kiren Rijiju आयुष राज्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राज्य सभा में कहा कि आयुर्वेद चिकित्सकों की ओर से की जाने वाली शल्य क्रिया को लेकर किसी तरह की आशंका नहीं होनी चाहिए। रिजिजू ने प्रश्न काल में एक पूरक प्रश्न के उत्तर में बताया कि भारतीय चिकित्सा पद्धति के तहत देश में शल्य चिकित्सा प्राचीन काल से होती आ रही है। इसको लेकर कोई विवाद नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इंडियन मेडिकल एसोसियेशन ने आयुर्वेद चिकित्सकों को शल्य चिकित्सा की अनुमति देने पर कुछ आशंकायें जतायी हैं और यह मामला उच्चतम न्यायालय में लंबित है।

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आयुर्वेद चिकित्सक शल्य क्रिया के लिए जो भी तरीके अपनाते हैं वे स्थापित एवं प्रमाणित हैं। आयुष और स्वास्थ्य मंत्रालय इस विषय पर मिलकर काम करेंगे और तालमेल बिठाकर स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली को मजबूत करने का काम निरन्तर करते रहेंगे। उन्होंने एक अन्य पूरक प्रश्न के उत्तर में बताया कि भारतीय चिकित्सा पद्धति से उपचार के लिए बनायी जाने वाली दवाओं की गुणवत्ता को लेकर कड़ी प्रतिबद्धता है।

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इस बारे में संबंधित एजेंसियां गंभीरता से काम कर रही हैं। इन दवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए आयुष मंत्रालय आगे भी प्रयास करता रहेगा। श्री रिजिजू ने कहा कि सर्वविदित है कि कोरोना काल में लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए आयुर्वेद के नुस्खे बहुत कारगर रहे हैं। सरकार भारतीय चिकित्सा पद्धति से उपचार को बढ़ावा दे रही है और इसी के मद्देनजर आयुष मंत्रालय का अलग से गठन भी किया गया है।

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