5000 से अधिक मृतकों को विधि-विधान से अंतिम विदाई देने वाली शालू सैनी की प्रेरक कहानी
रुड़की। इंसानियत की जीती-जागती मिसाल क्रांतिकारी शालू सैनी ने समाज सेवा के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचा है। शालू सैनी ने कोरोना काल और उसके बाद भी पांच हजार से अधिक लावारिस मृतकों को अपना नाम देकर विधि-विधान के अनुसार अंतिम विदाई दी है। हर धर्म के मृतक के लिए उन्होंने उनके धर्मानुसार अंतिम संस्कार…
Read More...
Read More...