World Environment Day : सूखती नदियां, ढहती व्यवस्थाएं: भारत में ‘वॉटर इमरजेंसी’ का…
-ममता सिंह, नई दिल्ली।
सूरज का पारा जब 48 डिग्री सेल्सियस को पार करने लगे और साथ में जीवनदायिनी बूंदें भी गायब हो जाएं, तो सभ्यताएं घुटने टेकने लगती हैं। भारत इस समय ठीक इसी भयावह दोहरे संकट यानी प्रचंड हीटवेव और अभूतपूर्व जल किल्लत के मुहाने पर खड़ा है, जिसे अब और नजरअंदाज करना आत्मघाती होगा। देश…
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