हिन्दी दिवस पर विशेष: इस दोहरेपन अथवा छलावरण से निकलना होगा
सत्यनारायण मिश्र
हिन्दी दिवस, 14 सितंबर, हर साल उत्सव की तरह आता है। विद्यालयों में कविता पाठ, साहित्यिक मंचों पर हिन्दी की महिमा, और सामाजिक मंचों पर प्रेरक संदेश। लेकिन इस चमक-दमक के पीछे एक कटु सत्य छिपा है—हिन्दी प्रकाशन संस्थान और संगठन, जो हिन्दी के नाम पर पनपते हैं, अपने कार्यों में…
Read More...
Read More...