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शब्द

गुरु: अंधेरा दूर करने वाला – एक अनन्य शब्द का सरल और गहन अर्थ

सत्यनारायण मिश्र "गुरु" शब्द भारतीय संस्कृति का एक ऐसा रत्न है, जो न केवल देवभाषा संस्कृत और उसकी सहचरी भाषा हिन्दी की अनन्त गहराई को दर्शाता है, बल्कि मानव जीवन के उच्चतम आदर्शों का प्रतीक भी है। इसकी उत्पत्ति संस्कृत के दो शब्दों "गु" (अंधेरा या अज्ञान) और "रु" (दूर करने वाला) से हुई है। इस…
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राष्ट्रपति और राष्ट्रपत्नी शब्द से जुड़े विवाद के दो पहलू

सुशील उपाध्याय। राष्ट्रपति और राष्ट्रपत्नी शब्द से जुड़े विवाद के दो पहलू हैं। पहला, राजनीतिक और दूसरा भाषागत। राजनीतिक पहलू पर काफी बहस और छींटाकशी हो चुकी है। एक-दूसरे के लिए गालियां और अपमानजनक शब्दों का प्रयोग भी किया जा चुका है इसलिए मान लेते हैं कि इस मामले में राजनीति के स्तर पर जो कुछ…
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भारी शब्द कहां मिलेंगे!

सुशील उपाध्याय पाखंड एक भारी शब्द है, लेकिन जरूरी नहीं है कि यह किसी भाव को ठीक-ठीक अभिव्यक्त कर सके। कई अनुभव, अहसास और घटनाएं ऐसी होती हैं, जिनके सामने भाषा का असामर्थ्य साफ दिखने लगता है। किसी काम से घर से बाहर निकला तो देखा कि पुलिस-फोर्स के लोगों ने पूरा इलाका कवर किया हुआ था। उन्हें…
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