पिंगला में फिर जीवंत हुई पाटचित्र कला, आधुनिक चीजों पर दिख रही पौराणिक कथाओं की छाप
पश्चिम मेदिनीपुर जिले के पिंगला के नयाग्राम की पारंपरिक पाटचित्र कला अब नए रूप में अपनी पहचान बना रही है। कभी घर-घर जाकर रामायण, महाभारत, मनसामंगल और कृष्णलीला जैसी कथाएं सुनाने वाले पटुआ कलाकार अब अपनी कला को साड़ी, टी-शर्ट, जूते, बैग, गहने, कुशन और घरेलू सामान तक पहुंचा रहे हैं। पूजा पंडालों में…
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