देहरादून। उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सोमवार को ननूरखेड़ा स्थित राजीव गांधी नवोदय विद्यालय में आयोजित ‘शिक्षा की बात’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद किया और उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरक संदेश दिए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि हर बच्चा खास होता है और हर बच्चे में कोई न कोई विशेष प्रतिभा अवश्य होती है। जरूरत इस बात की है कि बच्चे अपनी क्षमता को पहचानें और उसे सही दिशा में विकसित करें। उन्होंने शिक्षकों और अभिभावकों से भी अपील की कि वे बच्चों की रुचि और प्रतिभा को समझते हुए उन्हें आगे बढ़ाने में सहयोग करें, ताकि वे आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर हो सकें।
मुख्य सचिव ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि ‘शिक्षा की बात’ कार्यक्रम को और प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के तहत बच्चों को उद्योगपतियों, वैज्ञानिकों, प्रोफेसरों और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य कर रहे व्यक्तियों से संवाद का अवसर मिलना चाहिए। इससे छात्रों को करियर मार्गदर्शन के साथ-साथ वास्तविक जीवन के अनुभवों से सीखने का मौका मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि क्लस्टर विद्यालयों से शुरुआत कर इस कार्यक्रम को प्रदेश के सभी विद्यालयों तक विस्तार दिया जाए।
छात्रों से बातचीत के दौरान मुख्य सचिव ने मोबाइल और तकनीक के बढ़ते प्रभाव पर भी अहम संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आज का युग तकनीक का है, लेकिन जरूरी है कि हम तकनीक पर नियंत्रण रखें, न कि तकनीक हम पर हावी हो जाए। उन्होंने बच्चों को किताबों से जुड़ने, खेलकूद में भाग लेने और रचनात्मक सोच विकसित करने की सलाह दी।
मुख्य सचिव ने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। इसके लिए लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर मेहनत और अनुशासन का पालन करना आवश्यक है। मेहनत और अनुशासन ही व्यक्ति को बेहतर बनाते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अच्छा इंसान और जिम्मेदार नागरिक बनकर देश और समाज के प्रति अपने दायित्वों को निभाना चाहिए।
इस अवसर पर सचिव श्री रविनाथ रमन, निदेशक माध्यमिक शिक्षा श्री मुकुल सती सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।