मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर दिल्ली की स्वास्थ्य व्यवस्था को बड़ी मजबूती मिली है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को ग्राम नंगल राया से राजधानी में 81 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का शुभारंभ किया। इसके साथ ही दिल्ली में आरोग्य मंदिरों की कुल संख्या बढ़कर 319 हो गई है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पत्रकार वार्ता में बताया कि दिल्ली सरकार पहले ही 238 आयुष्मान आरोग्य मंदिर शुरू कर चुकी है और अब 81 नए केंद्र जोड़कर प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को और सशक्त बनाया गया है। उन्होंने कहा कि इन आरोग्य मंदिरों के माध्यम से दिल्ली के नागरिकों को उनके घर के नजदीक मुफ्त, सुलभ और सम्मानजनक प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सरकार का लक्ष्य राजधानी में कुल 1100 आरोग्य मंदिर स्थापित करने का है, जिस दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान आरोग्य मंदिर दिल्ली के हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर की रीढ़ बनते जा रहे हैं। यहां डॉक्टर परामर्श, जरूरी दवाएं और डायग्नोस्टिक जांच की सुविधा उपलब्ध है। इसके साथ ही डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और कैंसर की स्क्रीनिंग, मां-बच्चे की देखभाल, मुफ्त टीकाकरण, बच्चों की ग्रोथ मॉनिटरिंग, लाइफस्टाइल काउंसलिंग, मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं, योग और पोषण मार्गदर्शन जैसी सुविधाएं भी दी जा रही हैं। इससे बड़े सरकारी अस्पतालों पर दबाव काफी हद तक कम हुआ है।
कार्यक्रम में सांसद कमलजीत सहरावत, कैबिनेट मंत्री डॉ. पंकज सिंह, हरि नगर विधायक श्याम शर्मा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
दिल्ली सरकार आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और आयुष्मान भारत–वय वंदना योजना के तहत भी स्वास्थ्य कवरेज को लगातार मजबूत कर रही है। 13 जनवरी 2026 तक राजधानी में कुल 6,91,530 हेल्थ कार्ड जारी किए जा चुके हैं, जिनमें 2,65,895 वय वंदना योजना के कार्ड शामिल हैं।
सरकार ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 189 अस्पतालों को पैनल में शामिल किया है, जिनमें निजी, दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार के अस्पताल शामिल हैं। सभी पैनलबद्ध अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा दी जा रही है। स्टेट हेल्थ एजेंसी दिल्ली के अनुसार अब तक 36 करोड़ रुपये से अधिक के क्लेम सेटल किए जा चुके हैं, जिससे हजारों परिवारों को आर्थिक सुरक्षा मिली है।