गंगासागर स्नान का महापर्व: लाखों श्रद्धालु, 30 लाख की भीड़ और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था

मकर संक्रांति के पावन अवसर पर गंगासागर में बुधवार तड़के से ही श्रद्धा और आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। देश-दुनिया के कोने-कोने से पहुंचे लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा और सागर के संगम पर आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित किया। संगम तट “हर-हर गंगे” और “जय कपिल मुनि” के जयघोष से गूंज उठा।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार त्रेता युग में मां गंगा के स्वर्ग से अवतरण के बाद कपिल मुनि के आश्रम के समीप राजा सगर के 60 हजार पुत्रों को जिस शुभ मुहूर्त में मोक्ष की प्राप्ति हुई थी, उसी पावन समय में गंगासागर स्नान की परंपरा चली आ रही है। इस कारण मकर संक्रांति पर यहां स्नान का विशेष महत्व माना जाता है।

पुण्य स्नान के शुभ मुहूर्त में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। हालांकि राज्य सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया गया है, लेकिन अनुमान है कि अब तक करीब 15 लाख से अधिक श्रद्धालु संगम में स्नान कर चुके हैं, जबकि कुल आगंतुकों की संख्या 30 लाख से ज्यादा बताई जा रही है।

कपिल मुनि आश्रम के महंत ज्ञान दास ने बताया कि बुधवार रात 9:19 बजे सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेगा। इसके साथ ही पुण्य स्नान का मुख्य काल शुरू होगा, जो गुरुवार दोपहर 1:20 बजे तक रहेगा। इसी कारण गुरुवार सुबह मकर संक्रांति का पुण्य स्नान विशेष फलदायी माना जा रहा है।

श्रद्धालुओं ने बुधवार सुबह छह बजे से ही गंगा-सागर संगम पर स्नान आरंभ कर दिया था। सुबह होते ही विभिन्न शिविरों से श्रद्धालु संगम तट की ओर रवाना हुए और विधि-विधान से स्नान कर पूजा-अर्चना की।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए हैं। पुलिस, सिविल डिफेंस, होमगार्ड के साथ-साथ नौसेना और तटरक्षक बल के 10 हजार से अधिक जवानों को तैनात किया गया है। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए भी निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन का दावा है कि मेला शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो रहा है।

 

 

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