शहर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत ललतारो पुल पर बनी दुकानों में बीती देर रात अचानक लगी आग ने दुकानदारों की मेहनत पर पलभर में पानी फेर दिया। इस भीषण अग्निकांड में करीब सात दुकानें पूरी तरह जलकर खाक हो गईं, जिससे लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। आग पर काबू पाने के लिए दमकल की गाड़ियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी, लेकिन तब तक अधिकांश सामान नष्ट हो चुका था।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटना रात करीब डेढ़ बजे की है। ललतारो पुल पर स्थित एक दुकान से अचानक धुआं और लपटें उठने लगीं। आग इतनी तेजी से फैली कि आसपास की अन्य दुकानों को भी अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और दुकानों में रखा कपड़ा, किराना और अन्य सामान धू-धू कर जलने लगा। आग की लपटें देख आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और दुकानदारों को सूचना दी।
सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और फायर ब्रिगेड को सूचित किया गया। हालांकि रेलवे रोड पर सीवर लाइन के कार्य के चलते फायर स्टेशन से आने वाले मार्ग पर अवरोध था। इस कारण दमकल की गाड़ियों को शंकराचार्य चौक और चंडी चौक होते हुए वैकल्पिक मार्ग से आना पड़ा, जिससे करीब एक घंटे की देरी हो गई। इस दौरान आग लगातार फैलती रही और दुकानें पूरी तरह जल गईं।
घटनास्थल पर पहुंचकर दमकल कर्मियों ने दुकानों के शटर तोड़कर आग बुझाने का प्रयास किया और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। सौभाग्यवश इस हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन आर्थिक नुकसान बेहद गंभीर बताया जा रहा है।
पीड़ित दुकानदारों का कहना है कि आग ने उनकी वर्षों की कमाई और रोजी-रोटी छीन ली है। अब उनके सामने परिवार के भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया है। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। प्रशासन का कहना है कि जांच के बाद ही आग के वास्तविक कारणों का खुलासा किया जाएगा।