अब मेला होगा हाईटेक: क्यूआर कोड से मिलेगी मदद, खोने का डर खत्म

प्रयागराज। त्रिवेणी संगम के पावन तट पर आयोजित होने वाले माघ मेला 2026 को इस बार तकनीक के सहारे और अधिक सुरक्षित व सुव्यवस्थित बनाया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मेला प्रशासन ने एक अभिनव पहल करते हुए क्यूआर कोड आधारित व्यवस्था लागू की है, जिससे श्रद्धालु सीधे प्रशासन से जुड़ सकेंगे।

माघ मेला प्रभारी नीरज पांडेय ने जानकारी दी कि मेला क्षेत्र में कुल 15,500 विद्युत पोलों पर क्यूआर कोड लगाए गए हैं। इन क्यूआर कोड को मोबाइल से स्कैन करते ही श्रद्धालु एक ऑनलाइन फॉर्म तक पहुंच सकेंगे, जहां वे अपना नाम, मोबाइल नंबर और समस्या दर्ज कर सकेंगे। यह प्रणाली 24 घंटे सक्रिय रहेगी और शिकायतें सीधे कंट्रोल रूम तक पहुंचेंगी।

उन्होंने बताया कि मेला क्षेत्र में अक्सर भीड़ और लाउडस्पीकरों के शोर के कारण फोन से सहायता लेना कठिन हो जाता है। ऐसे में यह डिजिटल व्यवस्था अत्यंत उपयोगी साबित होगी। श्रद्धालु अपनी वर्तमान लोकेशन साझा कर सकते हैं, जिससे प्रशासन तत्काल सहायता उपलब्ध करा सकेगा।

प्रत्येक विद्युत पोल पर सड़क का नाम, सेक्टर नंबर और गूगल कोड अंकित किया गया है। इससे श्रद्धालु आसानी से अपनी लोकेशन पहचान सकेंगे। इसके अलावा, क्यूआर कोड स्कैन करते ही मेला क्षेत्र का पूरा नक्शा मोबाइल पर उपलब्ध हो जाएगा, जिसमें अस्पताल, पुलिस चौकी, पार्किंग स्थल और जन-आश्रय केंद्रों की जानकारी भी शामिल होगी।

यदि कोई व्यक्ति मेले में बिछड़ जाता है, तो उसके परिजन नजदीकी पोल पर दर्ज गूगल कोड के माध्यम से उसकी सटीक लोकेशन पता कर सकेंगे। साथ ही, वाहन पार्क करते समय पोल का कोड नोट कर लेने से वापसी में स्थान ढूंढना भी बेहद आसान होगा।

इसके साथ ही मेला प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर 1920 को भी फिर से सक्रिय किया है, जिससे श्रद्धालु किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता प्राप्त कर सकें।

 

 

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