देहरादून। उत्तराखंड सरकार में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू ने अपने एक कथित विवादित बयान को लेकर सफाई दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके वक्तव्य को राजनीतिक लाभ के लिए तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत किया जा रहा है। साहू ने कहा कि देश की समस्त बहन-बेटियां उनके लिए सम्माननीय हैं और यदि उनके किसी कथन से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं, तो वह इसके लिए क्षमा चाहते हैं।
दरअसल, हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें गिरधारी लाल साहू को यह कहते हुए सुना गया कि “बिहार में लड़की 20–25 हजार में मिल जाती है।” इस बयान को लेकर विपक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई और इसे महिलाओं के अपमान से जोड़ते हुए आलोचना की। मामला तूल पकड़ने के बाद साहू ने सामने आकर स्थिति स्पष्ट की।
उन्होंने बताया कि यह बयान उन्होंने सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र के दौलाघट में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दिया था, जहां माताओं, बहनों और बुजुर्गों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया था। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में उन्होंने अपने एक मित्र की शादी से जुड़ा प्रसंग केवल हास्य के रूप में साझा किया था, जिसे गलत संदर्भ में पेश कर दिया गया।
गिरधारी लाल साहू ने कहा कि उनका सामाजिक जीवन महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण को समर्पित रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि वे वर्षों से बरेली में श्रीरामलीला आयोजन के अंतर्गत हर वर्ष 101 निर्धन कन्याओं के विवाह में सहयोग करते आ रहे हैं। उनके अनुसार, यह सेवा कार्य उनकी सामाजिक प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए उनके बयान को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत किया जा रहा है, जबकि उनका उद्देश्य कभी किसी की भावना को ठेस पहुंचाना नहीं रहा। साहू ने दोहराया कि प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश की प्रत्येक बेटी उनके लिए देवी स्वरूप है और यदि किसी को ठेस पहुंची है तो वे हृदय से क्षमा चाहते हैं।