देहरादून में दत्तक ग्रहण माह के अवसर पर आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में राज्य की महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने उन माता-पिताओं को सम्मानित किया, जिन्होंने विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को गोद लेकर उनके जीवन में नई रोशनी जगाई है। संस्कृति विभाग के सभागार में आयोजित इस गरिमामय समारोह में मंत्री ने चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के विशेष पोस्टर का अनावरण भी किया।
कार्यक्रम में संबोधित करते हुए रेखा आर्या ने कहा कि अनाथ बच्चों को मातृत्व और उचित पोषण देना केवल सरकार का नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व है। उन्होंने कहा कि जब कोई दंपति किसी अनाथ बच्चे को गोद लेने का निर्णय करता है, तो यह ईश्वर की विशेष कृपा का प्रतीक है। उन्होंने रूढ़िवादी सोच पर प्रहार करते हुए कहा कि बुढ़ापे का सहारा सिर्फ अपना खून नहीं होता, बल्कि माता-पिता द्वारा दिए गए संस्कार ही सच्चा रिश्ता बनाते हैं।
मंत्री ने बताया कि अब तक प्रदेश में 185 बच्चों को दत्तक ग्रहण कराया गया है, जिनमें 29 बच्चे एनआरआई दंपतियों ने गोद लिए हैं। इनमें 9 विशेष आवश्यकता वाले बच्चे भी शामिल हैं। उन्होंने इस संख्या को और बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि कोई भी बच्चा अनाथ न रहे और सभी को सुरक्षित, स्नेही परिवार मिल सके।
कार्यक्रम में सचिव चंद्रेश कुमार, निदेशक बंशीलाल राणा, सीपीओ अंजना गुप्ता सहित सभी जिलों के जिला प्रोबेशन अधिकारी उपस्थित रहे। मंत्री रेखा आर्या ने देश के विभिन्न राज्यों से आए दत्तक माता-पिताओं को मंच पर बुलाकर सम्मानित किया और उनके साहस व संवेदनशीलता की सराहना की।
