देहरादून। उत्तराखंड कांग्रेस ने आगामी 2027 विधानसभा चुनावों के लिए संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए नई रणनीतिक टीम की घोषणा की है। पार्टी का कहना है कि यह बदलाव केवल चेहरों का नहीं बल्कि सोच और दिशा का परिवर्तन है।
प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने बताया कि अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस नेतृत्व द्वारा गहन विचार-विमर्श, डेटा-आधारित रिसर्च और ठोस रणनीति के बाद यह टीम तैयार की गई है। इसका उद्देश्य राज्य में कांग्रेस को नई ऊर्जा और एकजुटता के साथ चुनावी रण में उतारना है।
भाजपा की विभाजनकारी राजनीति पर कड़ा प्रहार
गरिमा मेहरा दसौनी ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा— “भाजपा उत्तराखंड को खंड-खंड करने की साजिश में जुटी है—कभी कुमाऊं बनाम गढ़वाल, कभी पहाड़ बनाम मैदान। लेकिन कांग्रेस का हर कार्यकर्ता अब इस ‘विभाजन की राजनीति’ के ट्रैप में नहीं फँसेगा।” उन्होंने कहा कि भाजपा की ‘तोड़ो उत्तराखंड’ नीति का जवाब कांग्रेस ‘जोड़ो उत्तराखंड’ के संकल्प से देगी।
2027 के रण में कांग्रेस की नई “पाँच पांडव” टीम
दसौनी ने बताया कि हाईकमान द्वारा घोषित नई टीम में अनुभवी नेताओं को अहम जिम्मेदारी दी गई है —
- गणेश गोदियाल – प्रदेश अध्यक्ष
- प्रीतम सिंह – कैंपेन कमेटी अध्यक्ष
- डॉ. हरक सिंह रावत – चुनाव अभियान समिति अध्यक्ष
- यशपाल आर्य – नेता प्रतिपक्ष
- भुवन कापड़ी – उप नेता प्रतिपक्ष
इन नेताओं को उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से “कांग्रेस के पाँच पांडव” बताया, जो 2027 में भाजपा रूपी “कौरवों” को धूल चटाएंगे।
संगठन में एकजुटता और नए विश्वास का संदेश
मुख्य प्रवक्ता ने कहा कि इस फेरबदल से प्रदेश कांग्रेस में नई ऊर्जा, भरोसा और सामूहिक भावना आई है।“अब वक्त आलोचना का नहीं, योगदान का है। व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा नहीं, बल्कि सामूहिक विजय का समय है,” उन्होंने कहा।
गरिमा ने 27 जिलों के नवनियुक्त अध्यक्षों और सभी पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि यह बदलाव संगठन को जमीनी स्तर पर सक्रिय बनाएगा और जनता के विश्वास को दोबारा जीतने की दिशा में निर्णायक कदम होगा।
2027 में भाजपा को जवाब देगी जनता
दसौनी ने दावा किया कि प्रदेश की जनता अब भाजपा की “झूठी घोषणाओं और भ्रष्टाचार” से ऊब चुकी है।“2027 में उत्तराखंड की जनता कांग्रेस की पारदर्शी नीतियों, जवाबदेह नेतृत्व और जनहितैषी दृष्टिकोण पर भरोसा जताएगी,” उन्होंने कहा।