रुड़की। गंगनहर किनारे स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर घाट में आज गोवर्धन पूजा एवं अन्नकूट महोत्सव बड़े श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान श्रीकृष्ण से सुख-समृद्धि और परिवार की मंगलकामना की।
मंदिर के मुख्य पुजारी राम गोपाल पाराशर ने परंपरागत रूप से पूजा संपन्न कराई। उन्होंने बताया कि द्वापर युग में इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी कनिष्ठा उंगली पर उठाकर इंद्रदेव के प्रकोप से गोकुलवासियों की रक्षा की थी, तभी से यह पर्व भक्तिभाव से मनाया जाता है।
पूजा के बाद अन्नकूट भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान का प्रसाद ग्रहण किया। मंदिर समिति द्वारा सजावट और श्रद्धालुओं के स्वागत की विशेष व्यवस्था की गई थी।
कार्यक्रम में मंदिर समिति अध्यक्ष सुभाष सरीन, व्यापारी नेता प्रमोद जौहर, प्रदीप परुथी, दमन सरीन, विजय सेठी, नरेश अरोड़ा, सरिता गोयल, राजबाला, राजकुमार, सुचि चांदनी और पुष्पा आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
इसी अवसर पर रामनगर स्थित श्री संकट मोचन मंदिर में भी गोवर्धन पूजा का आयोजन हुआ। वहां के मुख्य पुजारी गोविंद ने श्रद्धालुओं को पूजन कराकर भगवान गोवर्धन की परिक्रमा कराई। अंत में श्रद्धालुओं को भोग और प्रसाद वितरित किया गया।
नगर के अन्य मंदिरों में भी अन्नकूट महोत्सव हर्षोल्लास से मनाया गया, जिसमें भक्तों ने “जय श्रीकृष्ण” के जयघोषों के बीच धार्मिक उल्लास का वातावरण बनाया।