राजधानी दिल्ली के प्रतिष्ठित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू)** में शनिवार शाम शुरू हुआ हंगामा अब कानूनी मोड़ ले चुका है। चुनाव प्रक्रिया के दौरान हुए इस विवाद में पुलिस ने **छात्रसंघ के शीर्ष पदाधिकारियों सहित छह छात्रों के खिलाफ मामला दर्ज** किया है।
**दक्षिण-पश्चिमी जिले के डीसीपी अमित गोयल** ने बताया कि **वसंत कुंज नॉर्थ थाना** पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जिन छह छात्रों को नामजद किया गया है, उनमें **जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष नितेश कुमार (26), उपाध्यक्ष मनीषा (28), महासचिव मुंतहा फातिमा (28), मणिकांत पटेल (27), प्रीति कर (27)** और **शौर्य मजूमदार (28)** शामिल हैं।
वहीं, बाकी **हिरासत में लिए गए छात्रों** को उनके संबंधित **प्रोफेसरों के सुपुर्द** कर दिया गया है। फिलहाल पुलिस परिसर में फैले तनाव और हिंसा के कारणों की जांच में जुटी है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, शनिवार शाम चुनाव प्रक्रिया के दौरान कुछ छात्रों ने **वसंत कुंज नॉर्थ थाने का घेराव** करने का आह्वान किया था। पुलिस से अनुमति न मिलने के बावजूद छात्रों ने **बैरिकेड तोड़कर नेल्सन मंडेला मार्ग पर यातायात बाधित** कर दिया और नारेबाजी शुरू कर दी।
स्थिति को काबू में करने की कोशिश में **छह पुलिसकर्मी घायल** हो गए। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए **28 छात्र-छात्राओं को हिरासत में** लिया। इनमें छात्रसंघ अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और महासचिव भी शामिल थे।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि अधिकारियों ने छात्रों से लगातार बातचीत की और उन्हें कानूनी प्रक्रिया का भरोसा दिलाया, लेकिन छात्र नेता अपने विरोध प्रदर्शन को **वापस लेने से इनकार** करते रहे। शाम करीब **छह बजे** करीब 70 से 80 छात्र पश्चिमी गेट पर जुट गए और मार्च निकालने लगे।
जब पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो छात्रों ने **बलपूर्वक बैरिकेड तोड़ दिए**, पुलिस से **धक्का-मुक्की और अभद्र भाषा** का प्रयोग किया तथा कुछ देर के लिए **सड़क यातायात बाधित** कर दिया।
अब पुलिस ने **जेएनयू छात्रसंघ पदाधिकारियों सहित छह छात्रों पर मुकदमा दर्ज** कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।