हल्द्वानी। बागजाला गांव के ग्रामीणों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। आठ सूत्रीय मांगों को लेकर अखिल भारतीय किसान महासभा, बागजाला कमेटी के नेतृत्व में चल रहा अनिश्चितकालीन धरना गुरुवार को 18वें दिन भी जारी रहा। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन किसी भी कीमत पर वापस नहीं लिया जाएगा।

धरना स्थल पर किसान महासभा के नेता आनंद सिंह सिजवाली ने कहा कि गरीबों और भूमिहीनों को उनका हक लड़कर लेना होगा, क्योंकि सरकार और प्रशासन ने अब तक उनकी आवाज़ पर ध्यान नहीं दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है।
पूर्व प्रधानाचार्य गणेश राम ने आंदोलन को समर्थन देते हुए कहा कि बागजाला गांव को पंचायत के अधिकार से वंचित करना ग्रामीणों के साथ सीधा अन्याय है। उनका कहना था कि जब तक पंचायत के अधिकार बहाल नहीं किए जाते और आठ सूत्रीय मांगों को स्वीकार नहीं किया जाता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
धरने में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति रही। इसमें आनंद सिंह नेगी, गणेश राम, विमला रौथाण, निर्मला शाही, दान सिंह मेहरा, डॉ. उर्मिला रैस्वाल, विमला देवी, हेमा देवी, डॉ. कैलाश पांडेय, मीना भट्ट, दीवान सिंह बर्गली, मोहम्मद परवेज, हरदित्ता सिंह, किरण प्रजापति, हरक सिंह बिष्ट, भगवती गोस्वामी, हरि गिरी, सोहन लाल, गोकुल सिंह, रियासत अली, शेर खान, सबीना, भोला सिंह, आजम, उमा देवी, आशा, नसीम अहमद, जीवंती, सरोज, बैजन्ती, नरेंद्र सिंह बिष्ट, एमएस मलिक, दीवान सिंह बिष्ट, रेखा देवी, रईस, दीपा, पुष्पा, चंपा, दिनेश चंद्र, अंबा दत्त, मन्नू देवी, शकुंतला, तुलसी, मुस्लिमा और समीर समेत अनेक ग्रामीण मौजूद रहे।
ग्रामवासियों का कहना है कि उनकी लड़ाई सिर्फ पंचायत अधिकार की बहाली तक सीमित नहीं है, बल्कि यह न्याय और समान अधिकारों की लड़ाई है। ग्रामीणों ने साफ किया कि वे अपने हक की प्राप्ति तक धरना जारी रखेंगे।