वैष्णो देवी मार्ग पर भूस्खलन: 10 की मौत, संख्या और बढ़ सकती है

जम्मू-कश्मीर में मूसलाधार बारिश से तबाही, यात्रा स्थगित, सेना तैनात

जम्मू-कश्मीर में मंगलवार को हुई मूसलाधार बारिश और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। त्रिकुटा पहाड़ी स्थित वैष्णो देवी मार्ग पर हुए भूस्खलन में अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 6 श्रद्धालु भी शामिल हैं। आशंका जताई जा रही है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है। हादसे के बाद वैष्णो देवी यात्रा को स्थगित कर दिया गया है।

भूस्खलन से दहला वैष्णो देवी मार्ग

जानकारी के अनुसार, मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे वैष्णो देवी मंदिर की ओर जाने वाले घुमावदार रास्ते पर अचानक भारी भूस्खलन हुआ। मलबे की चपेट में कई लोग आ गए। इसमें 10 लोगों की जान चली गई, जबकि कई घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

 मुख्यमंत्री का बयान और संवेदना

राज्य के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर हादसे पर गहरी संवेदना जताई। उन्होंने कहा कि वे हालात पर लगातार नजर रखे हुए हैं। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से फोन पर बात कर राज्य में बारिश और भूस्खलन से हुए नुकसान की जानकारी दी।

सेना और प्रशासन की राहत कार्रवाई

जम्मू के रक्षा जनसंपर्क अधिकारी के अनुसार, कटरा और आसपास के क्षेत्रों में सेना की तीन राहत टुकड़ियाँ तैनात की गई हैं। एक टुकड़ी अर्धकुंवारी-कटरा मार्ग पर राहत कार्यों में लगी है, दूसरी ठाकरा कोट की सड़क पर पहुंच गई है और तीसरी जौरियाँ के दक्षिण में राहत और बचाव का कार्य कर रही है। सेना नागरिक एजेंसियों के साथ मिलकर लोगों को सुरक्षित क्षेत्रों में ले जाने और जरूरतमंदों को सहायता प्रदान करने में जुटी हुई है।

 बारिश से जम्मू-कश्मीर में व्यापक असर

भूस्खलन के अलावा लगातार बारिश से जम्मू और कश्मीर घाटी में भारी नुकसान हुआ है। कई जगह पुल ढह गए हैं, मोबाइल टावर और बिजली के खंभे गिरने से दूरसंचार और बिजली आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है। लाखों लोग संचार सेवाओं से कट गए हैं। जम्मू-श्रीनगर और किश्तवाड़-डोडा राष्ट्रीय राजमार्ग बंद कर दिए गए हैं। कई पहाड़ी सड़कें भी भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ के कारण बाधित हो गई हैं।

 परिवहन सेवाएं भी प्रभावित

तेज बारिश और भूस्खलन की वजह से जम्मू आने-जाने वाली कई ट्रेनों को रद्द करना पड़ा है। सड़क और रेल यातायात दोनों प्रभावित होने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सुरक्षित स्थानों पर रहें और अनावश्यक यात्रा से बचें।

इस प्राकृतिक आपदा ने एक बार फिर दिखा दिया है कि पहाड़ी इलाकों में बरसात के दौरान यात्रियों और श्रद्धालुओं को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए। राहत व बचाव कार्य जारी है, लेकिन खराब मौसम के चलते चुनौतियां लगातार बनी हुई हैं।

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