उत्तराखंड विधानसभा का चार दिवसीय मानसून सत्र मंगलवार से गैरसैंण (भराड़ीसैंण) विधानसभा भवन में शुरू हुआ। सत्र के पहले ही दिन विपक्ष ने सरकार को घेरने का पूरा प्रयास किया और सदन में जमकर हंगामा किया। विपक्षी दलों ने जनता से जुड़े कई मुद्दों पर सरकार को कटघरे में खड़ा किया। हंगामे की स्थिति ऐसी रही कि सदन की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी।
शाम के समय माहौल गरमाया हुआ था, लेकिन इसके बीच ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सदन में बड़ा ऐलान किया। उन्होंने 5315 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट सदन के पटल पर रखा। इस बजट में कई महत्वपूर्ण योजनाओं और विकास कार्यों के लिए धनराशि प्रावधान किए गए हैं। विपक्ष के विरोध के बावजूद मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह बजट राज्य के सर्वांगीण विकास को गति देने वाला साबित होगा।
इसी दौरान सदन में नौ विधेयक भी प्रस्तुत किए गए। इन विधेयकों को लेकर सदस्यों के बीच चर्चा और बहस की स्थिति बनी। विपक्ष ने जहां इन पर सवाल उठाए, वहीं सरकार ने इन्हें प्रदेश की ज़रूरत बताते हुए आगे बढ़ाया।
हंगामे और बहस के बीच दिनभर सदन का माहौल तनावपूर्ण रहा। अंततः विधानसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही को बुधवार सुबह 11 बजे तक स्थगित करने की घोषणा की।
राजनीतिक हलकों में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि आने वाले दिनों में यह मानसून सत्र और भी तीखा हो सकता है। विपक्ष सरकार को बेरोजगारी, महंगाई, कानून व्यवस्था और स्थानीय मुद्दों पर घेरने की तैयारी में है। दूसरी ओर, सरकार बजट और विधेयकों को प्रदेश हित में बताते हुए उन्हें पारित कराने पर जोर दे रही है।
कुल मिलाकर, पहले दिन से ही यह स्पष्ट हो गया कि मानसून सत्र बेहद गरम रहने वाला है। अब सबकी निगाहें बुधवार की कार्यवाही पर टिकी हैं कि विपक्ष और सरकार के बीच किस तरह की बहस होती है और प्रदेश की जनता को क्या नए फैसले देखने को मिलते हैं।