उत्तराखंड में आफत की बारिश, स्कूल-आंगनबाड़ी बंद, नदियां उफान पर

देहरादून, उत्तराखंड में मानसून ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। रविवार देर रात से शुरू हुई मूसलधार बारिश ने पूरे प्रदेश में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। मौसम विज्ञान विभाग और राज्य मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून ने राज्य के कई जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, जिसके तहत देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत और ऊधमसिंह नगर में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद, प्रशासन अलर्ट

प्रदेश सरकार ने सुरक्षा की दृष्टि से देहरादून, पौड़ी, बागेश्वर, नैनीताल और चंपावत जिलों में कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों को तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश जारी किया है। सभी जिलाधिकारियों को अलर्ट पर रखा गया है और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।

नदियां खतरे के निशान के करीब

लगातार हो रही बारिश से प्रदेश की प्रमुख नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुँच गया है। गंगा, अलकनंदा, मंदाकिनी और काली नदी जैसी नदियों के आसपास रहने वाले लोगों को लाउडस्पीकरों और पुलिस पेट्रोलिंग के माध्यम से सतर्क किया जा रहा है। नदियों के किनारे स्थित गाँवों और बस्तियों में आपदा प्रबंधन की टीमें तैनात की गई हैं।

हरिद्वार, ऋषिकेश में तैनात किए गए गोताखोर

संवेदनशील क्षेत्रों जैसे हरिद्वार, ऋषिकेश, श्रीनगर, चमोली और धारचूला में गोताखोरों की तैनाती की गई है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। नदी किनारों और पुलों पर पुलिस की अतिरिक्त तैनाती की गई है और बैरिकेडिंग भी की जा रही है।

मौसम विभाग की भविष्यवाणी

मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के निदेशक विक्रम सिंह ने जानकारी दी कि उत्तराखंड में फिलहाल मौसम का मिजाज बेहद गंभीर बना हुआ है। उन्होंने कहा कि

“अगले 5 से 6 दिन गढ़वाल क्षेत्र में सामान्य से अधिक वर्षा होने की संभावना है, जबकि कुमाऊं क्षेत्र में सामान्य वर्षा के आसार हैं। कई स्थानों पर तेज हवा और बिजली गिरने की भी चेतावनी जारी की गई है।”

सरकार और आपदा प्राधिकरण की अपील

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) के सचिव विनोद सुमन ने सभी जिलाधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि नदियों के किनारे बसे क्षेत्रों, भूस्खलन संभावित पहाड़ी इलाकों और चारधाम मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

राज्य सरकार ने आम जनता और पर्यटकों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम से जुड़ी हर चेतावनी का पालन करने की अपील की है। साथ ही आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीम से तुरंत संपर्क करने को कहा गया है।

बारिश से प्रभावित जिले

  • देहरादून: देर रात से कई क्षेत्रों में भारी बारिश, जलभराव की स्थिति

  • चंपावत और नैनीताल: सड़कों पर मलबा और भूस्खलन के कारण यातायात प्रभावित

  • चमोली और रुद्रप्रयाग: चारधाम मार्गों पर रुक-रुक कर हो रही वर्षा से बाधाएं

  • पिथौरागढ़: ऊंचाई वाले क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित

यात्रियों के लिए विशेष चेतावनी

राज्य सरकार ने कांवड़ यात्रियों, चारधाम यात्रियों और पर्यटकों से आग्रह किया है कि वे मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए ही यात्रा की योजना बनाएं। भूस्खलन, सड़क अवरोध और पुलों पर जल प्रवाह को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत है।

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