नई दिल्ली। श्रावण मास का आगमन होते ही पूरे देश में शिवभक्ति का सैलाब उमड़ पड़ा है। सोमवार को सावन का पहला दिन होने के कारण काशी, हरिद्वार, उज्जैन, अयोध्या, दिल्ली, लखनऊ से लेकर दक्षिण के मदुरै और पुरी तक शिवालयों में हर-हर महादेव के जयकारे गूंज उठे। तड़के सुबह से ही श्रद्धालु पवित्र नदियों में स्नान कर जलाभिषेक और रुद्राभिषेक के लिए मंदिरों की ओर उमड़ पड़े।
उत्तर भारत के पवित्र तीर्थस्थलों में वाराणसी का काशी विश्वनाथ मंदिर भक्तों से खचाखच भरा रहा। भगवान शिव के दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं। पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं और कांवड़ियों के लिए अलग मार्ग भी निर्धारित किया गया है। वहीं, दिल्ली के चांदनी चौक स्थित ऐतिहासिक गौरी शंकर मंदिर में भी भक्तों की भारी भीड़ देखी गई।
हरिद्वार में श्रद्धालुओं ने मां गंगा में आस्था की डुबकी लगाई और दक्षेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना की। मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर में पारंपरिक भस्म आरती हुई, जिसमें सबसे पहले बाबा महाकाल का जलाभिषेक किया गया और फिर पंचामृत से अभिषेक कर भस्म से श्रृंगार किया गया। मंदिर परिसर वेद मंत्रों, शंख-ध्वनि और भजनों से गूंजता रहा।
अयोध्या के क्षीरेश्वरनाथ मंदिर, लखनऊ के मनकामेश्वर मंदिर और गाजियाबाद के दूधेश्वरनाथ मंदिर में भी श्रद्धालुओं की कतारें सुबह से ही देखी गईं। दक्षिण भारत के मदुरै स्थित थिरुपरनकुन्द्रम सुब्रमण्यम स्वामी मंदिर में पारंपरिक कुंभाभिषेकम समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
उधर, ओडिशा के पुरी में प्रसिद्ध रेत कलाकार सुदर्शन पटनायक ने समुद्र तट पर भगवान शिव की रेत से मनोहारी कलाकृति बनाकर श्रद्धा अर्पित की। जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ यात्रा भी श्रद्धा और उत्साह के साथ जारी है। सोमवार को नुनवान आधार शिविर से तीर्थयात्रियों का 12वां जत्था रवाना हुआ। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जानकारी दी कि अब तक दो लाख से अधिक श्रद्धालु अमरनाथ के दर्शन कर चुके हैं। यह यात्रा बालटाल और पहलगाम दोनों मार्गों से हो रही है।
गौरतलब है कि इस वर्ष श्रावण मास 11 जुलाई से आरंभ हुआ है और 9 अगस्त तक चलेगा। यह महीना भगवान शिव को समर्पित माना जाता है, और सावन के सोमवार विशेष पुण्यफलदायक होते हैं।