ऊफान पर सरयू नदी: जलमग्न घाट, खतरे की जद में आबादी – बागेश्वर में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त
कृति सिंह
बागेश्वर, उत्तराखंड: जिले के कपकोट क्षेत्र में बीते 24 घंटों से हो रही मूसलधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। शनिवार सुबह सरयू नदी ने रौद्र रूप धारण कर लिया, जिससे नदी का जल स्तर खतरनाक स्तर के पास पहुंच गया है। तेज बहाव के चलते बागेश्वर शहर समेत आसपास के सभी प्रमुख नदी घाट जलमग्न हो गए हैं, जिससे आम लोगों की आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई है।
प्रशासन ने किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए नदी किनारे के सभी घाटों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है और लोगों से अपील की है कि वे नदी के आसपास न जाएं। लगातार हो रही बारिश ने जिले की सड़कों को भी नुकसान पहुंचाया है, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों की कई सड़कों के क्षतिग्रस्त होने की खबरें सामने आई हैं। इससे आवागमन में बाधा उत्पन्न हो रही है और आपातकालीन सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं।
रिहायशी इलाकों पर मंडरा रहा खतरा
सरयू नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से नदी के किनारे बसे आवासीय इलाकों में खतरे की घंटी बज चुकी है। प्रशासन द्वारा इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अलर्ट किया गया है। यदि बारिश यूं ही जारी रही और जल स्तर और अधिक बढ़ा, तो कई घरों को खाली कराना पड़ सकता है। फिलहाल, प्रभावित क्षेत्रों में नगर पालिका और आपदा प्रबंधन की टीमों को सक्रिय कर दिया गया है, जो हालात पर नज़र रखे हुए हैं।
स्कूलों और बाजारों पर असर
भारी बारिश के चलते जिले के कुछ हिस्सों में स्कूलों को बंद कर दिया गया है। स्थानीय बाजारों में भी खरीदारों की संख्या में गिरावट देखी जा रही है। बारिश के कारण कई दुकानों में पानी घुस आया है, जिससे व्यापारियों को नुकसान हो रहा है।
प्रशासन की अपील: सतर्क रहें, सहयोग करें
जिलाधिकारी ने आम जनता से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें। आपात स्थिति में स्थानीय नियंत्रण कक्ष या प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क किया जा सकता है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे तक भारी बारिश की संभावना जताई है, जिससे हालात और बिगड़ सकते हैं।
निष्कर्ष
बागेश्वर जिले में सरयू नदी का उफान और भारी बारिश से उत्पन्न हालात बेहद चिंताजनक हैं। प्रशासन सतर्क है, लेकिन जनता की सजगता और सहयोग भी उतना ही आवश्यक है। ऐसे समय में सावधानी और धैर्य ही सबसे बड़ा हथियार हैं, जिससे बड़ी आपदा को टाला जा सकता है।