हरिद्वार। श्रावण मास में हरिद्वार में लगने वाले कांवड़ मेले की तैयारियों को लेकर सोमवार को मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों और कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए कि कांवड़ मेला सुरक्षित, सुगम और पूरी तरह व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो, इसके लिए सभी तैयारियां समयबद्ध रूप से पूरी की जाएं।
मुख्य सचिव ने कहा कि कांवड़ यात्रा में व्यवधान उत्पन्न करने वाले तत्वों—जैसे नशे की हालत में उत्पात मचाने वाले, हिंसक प्रवृत्ति को बढ़ावा देने वाले—पर सख्त कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही बड़े डीजे साउंड सिस्टम पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने के निर्देश भी दिए गए।
उन्होंने नगर निकायों को नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने, शौचालयों की उपलब्धता बढ़ाने, पर्याप्त पार्किंग स्थल चिह्नित करने और जल संस्थान को निरंतर पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। फूड सेफ्टी विभाग को खानपान सामग्री की गुणवत्ता की नियमित जांच करने को कहा गया, वहीं पूर्ति विभाग को ओवररेटिंग और कालाबाजारी पर सख्त निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि किसी विभाग या संस्था की ओर से सफाई, पेयजल, पार्किंग या अन्य व्यवस्थाओं में लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित विभाग पर कार्रवाई की जाएगी। सिंचाई विभाग को स्नान घाटों व पुलों की सफाई और सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जानकारी दी गई कि इस वर्ष कांवड़ मेला 11 जुलाई से 23 जुलाई तक आयोजित होगा। पंचक अवधि 13 से 17 जुलाई, डाक कांवड़ 20 से 23 जुलाई और श्रावण शिवरात्रि को जलाभिषेक 23 जुलाई को होगा।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार प्रमेन्द्र डोबाल ने बताया कि इस बार कांवड़ मेले को बेहतर प्रबंधन के लिए 16 सुपर जोन, 37 जोन और 134 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। देहरादून, पौड़ी और टिहरी जनपदों द्वारा भी अपनी तैयारियों और बजटीय आवश्यकताओं की जानकारी दी गई।
बैठक में अपर पुलिस महानिदेशक वी मुरुगेशन, गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय, आईजी केएस नग्नयाल सहित हरिद्वार, देहरादून, पौड़ी व टिहरी के जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।