खूंटी: बनई नदी पर पुल टूटा, खूंटी-सिमडेगा मुख्य मार्ग बंद, लाखों श्रद्धालुओं की आस्था पर संकट

खूंटी।  झारखंड के खूंटी जिले में एक बड़ा हादसा सामने आया है। खूंटी-सिमडेगा मुख्य मार्ग पर स्थित बनई नदी पर बना उच्च स्तरीय पुल गुरुवार सुबह अचानक धंस गया। इस हादसे के बाद इस महत्वपूर्ण मार्ग पर आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया है। यह पुल न केवल खूंटी और सिमडेगा जिलों को, बल्कि राजधानी रांची को ओडिशा और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों से भी जोड़ता है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बीते दो दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण पुल के बीच का हिस्सा कमजोर हो गया था। गुरुवार सुबह पुल के बीचों-बीच दरार आई और देखते ही देखते उसका एक हिस्सा पूरी तरह से धंस गया। उसी समय एक भारी ट्रक पुल पर था, जो बीच में ही फंस गया। सौभाग्यवश इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन घटना ने प्रशासनिक व्यवस्था और पुल निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इस पुल की हालत कई दिनों से जर्जर थी, बावजूद इसके भारी वाहनों का आना-जाना लगातार जारी था। लोगों का आरोप है कि करोड़ों की लागत से बने इस पुल के निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया, जिससे मात्र दस-बारह वर्षों में ही यह टूट गया। समय रहते मरम्मत या निरीक्षण नहीं होने से यह स्थिति उत्पन्न हुई।

इस पुल का टूटना सिर्फ आवागमन ही नहीं, बल्कि धार्मिक यात्राओं पर भी भारी असर डालेगा। 11 जुलाई से श्रावण मास की शुरुआत होने जा रही है और इस दौरान हजारों-लाखों श्रद्धालु खूंटी के प्रसिद्ध बाबा आम्रेश्वर धाम पहुंचते हैं। यह मार्ग बाबा आम्रेश्वर धाम जाने का सबसे सुगम रास्ता था, और अब उसके बाधित होने से श्रद्धालुओं को वैकल्पिक, लंबा और कठिन मार्ग अपनाना पड़ेगा।

बाबा आम्रेश्वर धाम प्रबंध समिति के महामंत्री मनोज कुमार ने चिंता जताते हुए कहा, “श्रावण मास में लाखों श्रद्धालु बाबा के दर्शन करने आते हैं। अब पुल के ध्वस्त होने से उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। नए पुल के निर्माण में एक साल या उससे अधिक समय लग सकता है।”

प्रशासन द्वारा फिलहाल वैकल्पिक मार्गों से यातायात चालू किया गया है, लेकिन यह मार्ग काफी असुविधाजनक और लंबा है। स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि इस मामले में शीघ्र कार्रवाई और अस्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।

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