कोलकाता । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में कनेक्टिविटी को आसान बनाने के लिए राज्य की जिस पहली वंदे भारत एक्सप्रेस का अनावरण किया उस ट्रेन का रविवार को हुआ परिचालन पूरी तरह से हिट रहा।
ट्रेन को लेकर लोगों ने ऐसा गजब का उत्साह दिखाया कि पहले ही यात्रा के दौरान ट्रेन की सभी सीटें भरी रहीं । इस ट्रेन से पूरे उत्तरी बंगाल और विशेषकर दार्जिलिंग की पहाड़ियों में व्यापार एवं पर्यटन के क्षेत्रों में एक नया आयाम आने की उम्मीद है।
पूर्व रेलवे के सूत्रों ने कहा कि सेमी-सुपर-फास्ट ट्रेन अपने वाणिज्यिक रन के पहले ही दिन जबरदस्त हिट रहीं क्योंकि इसकी सभी 1112 सीटें (एसी चेयर-इकोनॉमी क्लास- और एक्जीक्यूटिव चेयर-प्रीमियम क्लास) हावड़ा से निर्धारित समय पर पांच बजकर 55 मिनट पर खुलने के समय पूरी भरी हुई थीं।
इसमें 88 एक्जीक्यूटिव क्लास हैं और बाकी चेयर कार हैं। यह 16 कोचों वाली सफेद लाइनर 587 किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए निर्धारित सात घंटे में उत्तर बंगाल के प्रवेश द्वार न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशन पहुंचेगी। इस प्रकार से यह ट्रेन यात्रा का समय साढ़े तीन घंटे कम कर देगी।
नरेंद्र मोदी ने 30 दिसंबर को मां के निधन के बावजूद ट्रेन को झंडी दिखाकर रवाना किया। मां की अंतिम यात्रा में शमिल होने के बाद प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल की कनेक्टिविटी को आसान बनाने में कोई समय नहीं गंवाया। अपनी मां हीरा बा के अंतिम संस्कार में शामिल होने के बाद, मोदी ने आनलाइन ट्रेन का अनावरण किया और कहा कि इससे कनेक्टिविटी के साथ-साथ राज्य की आर्थिक गतिविधियों में क्रांति आएगी।
ट्रेन बिहार के बोलपुर, मालदा और बारसोई में रुकेगी और अंत में एनजेपी स्टेशन पर रुकेगी, जो उत्तर बंगाल और पड़ोसी राज्य सिक्किम का प्रवेश द्वार है। एनजेपी का नेपाल, भूटान और बांग्लादेश के पड़ोसी देशों के साथ भी एक महत्वपूर्ण संबंध है। उत्तर बंगाल इन तीनों मित्र राष्ट्रों को गलियारा प्रदान करता है।
एनजेपी से डाउन ट्रेन 2:30 बजे शुरू होगी और लगभग 22:00 बजे हावड़ा पहुंचेगी। सूत्रों ने कहा कि हालांकि, कोहरे की स्थिति के कारण, दोनों टर्मिनलों तक पहुंचने में समय अलग-अलग हो सकता है। ईआर के सूत्रों ने कहा कि ट्रेन की बुकिंग पूरी तरह से पांच जनवरी तक पूरी तरह फुल है। बुधवार को छोड़कर यह ट्रेन सप्ताह में छह दिन चलेगी।
