धामी सरकार ने पेश किया बजट

देहरादून। विधानसभा में मंगलवार से शुरू हुये बजट सत्र में पहले दिन वित्त मंत्री प्रेमचन्द अग्रवाल ने वर्ष 2022-23 के लिए 65571.49 करोड़ का वार्षिक बजट सदन में पेश किया।

इस वर्ष मार्च में सरकार पहली तिमाही के लिए लेखानुदान लेकर आई थी। अब सरकार शेष अवधि के लिए बजट लेकर आई। आज वित्त मंत्री ने सदन में 65,571.49 करोड़ का बजट पेश किया।

आज अपराह्न चार बजे विधानसभा में  अग्रवाल और नेता सदन पुष्कर सिंह धामी के साथ सदन में पहुंचे। उन्होंने अपने बजट भाषण को शुरू करते हुये कहा कि राज्य में यह पहली बार हुआ कि किसी दल को लगातार दूसरी कार्यकाल के लिये अवसर मिला। उन्होंने कहा कि यह जनादेश हमारी कार्य-संस्कृति को मिला है।

हमने राजनीति की संस्कृति और सरकार की कार्य संस्कृति दोनों बदली हैं। हमारा कार्यकाल सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण को समर्पित था, समर्पित है और समर्पित रहेगा। इस बार धामी सरकार के बजट में महिलाओं और युवाओं पर खास फोकस दिखा।

वित्त मंत्री ने अपने 61 पृष्ठीय बजट भाषण में विस्तार से विभिन्न योजनाओं का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022-23 में राजस्व प्राप्तियों में 51474.27 करोड़ की राजस्व आय अनुमानित है। जबकि आय-व्यय अनुमान में कर राजस्व 24500.72 करोड़ अनुमानित है।

उन्होंने बताया कि इस बजट में स्वयं का कर राजस्व 15370.56 करोड रुपए है और करोत्तर राजस्व के अन्तर्गत अनुमानित 5520.79 करोड़ रुपए की प्राप्ति होगी। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2022-23 में कुल प्राप्तियों 63774.55 करोड़ अनुमानित है।

उन्होंने बजट प्रस्तुत करते हुये बताया कि वर्ष 2022-23 में कुल 65571.49 करोड़ रुपए का व्यय अनुमानित है। इस कुल व्यय में 49013.31 करोड़ का राजस्व लेखे का व्यय तथा 16558.18 करोड़ रुपए पूँजी लेखे का व्यय अनुमानित है। उन्होंने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में राज्य कर्मचारियों के वेतन-भत्तों पर लगभग 17350.21 करोड़ व्यय का प्रावधान किया गया है। उ

न्होंने बताया कि पेंशन की मद में 6703.10 करोड़ का प्रावधान किया गया है। जबकि ब्याज भुगतान हेतु 6017.85 करोड़ रुपए का प्राविधान किया गया है। श्री अग्रवाल ने बताया कि राजकोषीय संकेतक के रूप में वर्ष 2022-23 के आय-व्ययक प्रस्ताव के आधार पर 2460.96 करोड़ का राजस्व अधिशेष अनुमानित है।

जबकि राजकोषीय घाटा 8503.70 करोड़ रुपए है, जो राजकोषीय घाटा में राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम के अन्तर्गत निर्धारित लक्ष्य की सीमान्तर्गत है।

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