आखिर किसको फायदा पहुंचा रहा है स्वास्थ्य विभाग : गरिमा दसौनी

चिकित्सा चयन बोर्ड का कार्यालय निजी भवन में किया शिफ्ट

महानिदेशालय के कमरे निजी एजेंसी को किराये पर देने की तैयारी

देहरादून। कहते हैं, जिसकी चलती है, उसकी क्या गलती है। प्रचंड बहुमत से सरकार चुन कर आयी है तो छींटे सभी पर पडे़गे। ऐसे ही एक प्रकरण सामने आया है, जिसमें सरकार ने स्वास्थ्य महानिदेशालय के भवन में चल रहे चिकित्सा चयन बोर्ड के कार्यालय को एक निजी भवन में लाखों का किराये में शिफ्ट कर दिया है।
कांग्रेस गढ़वाल मंडल मीडिया प्रभारी गरिमा दसौनी ने यह जानकारी दी है। दसोनी के अनुसार सरकारी बजट को निपटाने के लिए और अपनों को फायदा पहुंचाने के लिए स्वास्थ्य महकमे के अधिकारियों ने सांठगांठ करके चिकित्सा चयन बोर्ड को डांडा लखौण्ड स्थित स्वास्थ्य निदेशालय से हटा दिया है।

इस कार्यालय को श्रीनगर में एक निजी भवन में शिफ्ट कर दिया है। दसौनी ने स्वास्थ्य विभाग के द्वारा की गई इस कार्यवाही का वर्तमान सरकार से जवाब मांगा है। दसोनी ने कहा कि जब स्वास्थ्य विभाग के पास अपनी भूमि व विशालकाय भवन है।

ऐसे में चिकित्सा चयन बोर्ड को भाजपा के एक नेता के निजी आवास में शिफ्ट करने का क्या औचित्य है। उन्होंने कहा यह मामला सीधे-सीधे भ्रष्टाचार का और फर्जीवाड़ का है। जिसमें स्वास्थ विभाग में कार्यरत अधिकारी किसी के इशारे पर सरकारी खजाने को लाखों का बट्टा लगा रहे हैं।
उन्होंने कहा प्रति माह डेढ़ से दो लाख के किराये के भवन में चिकित्सा चयन बोर्ड का शिफ्ट किया जाना हैरत में डालने वाला काम है, क्योंकि स्वास्थ्य निदेशालय के पास पर्याप्त पार्किंग और कक्ष खाली पड़े हैं।

बकौल दसौनी, चिकित्सा चयन बोर्ड को हटाकर निदेशालय के कक्ष किसी केंद्रीय एजेंसी को देने की तैयारी है। दसौनी ने इसके लिए सीधे-सीधे स्वास्थ्य मंत्री को कटघरे में खड़करते हुए कहा कि जब स्वास्थ्य मंत्री की प्राथमिकता में ही स्वास्थ्य विभाग ना हो तो इस तरह के मामले सामने आएंगे ही।

उन्होंने कहा, कि सरकार अपने एक नेता को फायदा पहुंचाने के लिए इस हद तक चले जाएगी, ऐसा सोचा भी नहीं था। दसौनी ने उम्मीद जतायी है कि सरकार इसका संज्ञान लेकर इसमें संसोधन करेगी।

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