हरिद्वार। सोमवती अमावस्या स्नान पर्व पर श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ को देखते हुए हरिद्वार पुलिस ने यातायात व्यवस्था का विशेष प्लान जारी किया है। नौ नवंबर को होने वाले स्नान के दौरान शहर में जाम की स्थिति से निपटने के लिए रूट डायवर्जन और पार्किंग की व्यवस्था की गई है। पुलिस के अनुसार, आठ नवंबर की रात 12 बजे से स्नान पर्व की समाप्ति तक हरिद्वार शहर में भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
दिल्ली, मेरठ, मुजफ्फरनगर और पंजाब से आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों को नारसन, मंगलौर, कोर कॉलेज, ख्याति ढाबा, गुरुकुल कांगड़ी और शंकराचार्य चौक के रास्ते हरिद्वार पहुंचाया जाएगा। इनके लिए बैरागी कैंप, बीएचईएल और ऋषिकुल मैदान में पार्किंग निर्धारित की गई है। यातायात का दबाव बढ़ने पर वाहनों को नगला इमरती से लक्सर, फेरूपुर और जगजीतपुर होते हुए बैरागी कैंप भेजा जाएगा।
दिल्ली, पंजाब और हरियाणा से आने वाले वाहनों का दबाव अधिक होने पर उन्हें सहारनपुर, भगवानपुर, छुटमलपुर, बिहारीगढ़ और मोहंड मार्ग से देहरादून एवं ऋषिकेश की ओर भेजा जाएगा। वहीं, मुरादाबाद और नजीबाबाद से आने वाले छोटे वाहन चिड़ियापुर, श्यामपुर और चंडी चौक होते हुए हरिद्वार पहुंचेंगे। इनके लिए नीलधारा और गौरीशंकर पार्किंग निर्धारित की गई है।
ऑटो-विक्रम और ई-रिक्शा के लिए भी नियम
स्नान पर्व के दौरान ऑटो-विक्रम और ई-रिक्शा के संचालन पर भी प्रतिबंध लागू रहेंगे। देहरादून, ऋषिकेश और रायवाला की ओर से आने वाले ऑटो-विक्रम को यातायात का दबाव बढ़ने पर जयराम मोड़ तक ही अनुमति मिलेगी। ललतारौ पुल से शिवमूर्ति तक ऑटो, विक्रम और टैक्सियों का संचालन प्रतिबंधित रहेगा। देवपुरा चौक से शिवमूर्ति चौक तक ई-रिक्शा और ई-ऑटो की एंट्री पूरी तरह बंद रहेगी।
8 नवंबर की रात से लागू होगा प्रतिबंध
पुलिस प्रशासन ने बताया कि चीला मार्ग का उपयोग ऋषिकेश से आने वाले वाहनों की निकासी के लिए किया जाएगा। टोल प्लाजा पर दबाव बढ़ने की स्थिति में नहर पटरी मार्ग का विकल्प अपनाया जाएगा। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले निर्धारित रूट और पार्किंग व्यवस्था की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें, ताकि स्नान के दौरान असुविधा से बचा जा सके।

